जमशेदपुर: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड के प्रदेश नेता और झारखंड राज्य आंगनवाड़ी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर नकली और मिलावटी दवाओं से बच्चों और आम लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहे खतरे पर गंभीर चिंता जताई।
पत्र में उन्होंने बताया कि देशभर में नकली सिरप और अन्य दवाओं के कारण अब तक दर्जनों नौनिहाल बच्चों की मौत हो चुकी है। दवा निर्माण और वितरण पर निगरानी का तंत्र पर्याप्त काम नहीं कर रहा है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 655 फार्मास्यूटिकल इकाइयां दवा बना रही हैं, जिनमें से केवल 122 जीएमपी (Good Manufacturing Practice) मानक के लिए पंजीकृत हैं। बाकी इकाइयाँ बिना मानक पूरा किए भी दवा बना रही हैं, जिससे बच्चों और मरीजों की जान जोखिम में है।
जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि पिछले वर्षों में भी कई गलतियां हुई हैं, लेकिन निगरानी तंत्र ने कोई सुधार नहीं किया। भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब गलत मेडिसिन के कारण विदेश में बच्चों की मौत हुई। उन्होंने सरकार से मांग की कि नकली दवाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों को दंडित किया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया कि अधिकांश दवाएं देश के लगभग 28 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी अस्पतालों और दुकानों में सप्लाई होती हैं। अगर निगरानी तंत्र मजबूत नहीं होगा, तो आम जनता का विश्वास फार्मास्यूटिकल प्रणाली पर उठ सकता है, और इससे चुनावी नतीजों पर भी असर पड़ सकता है।
जय प्रकाश पांडेय ने जोर देकर कहा कि नकली दवाओं के निर्माण और वितरण में शामिल लोगों की आपराधिक जिम्मेदारी तय की जाए, नियमित आडिट और निरीक्षण किया जाए, ताकि बच्चों और नागरिकों के जीवन की रक्षा हो सके।
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