जमशेदपुर: जमशेदपुर के हुरलुंग पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति के किसानों की उपजाऊ भूमि पर टाटा पावर कंपनी द्वारा अवैध रूप से फ्लाई ऐश (राख) डंप किए जाने से कृषि पूरी तरह नष्ट हो गई है. शुक्रवार को प्रभावित आदिवासी किसान पारंपरिक कृषि औजारों के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया.
जिला उपायुक्त के अनुपस्थित रहने पर किसानों ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया तत्वों की मिलीभगत से कंपनी ने यह अवैध कार्य किया. इससे धान की रोपनी बर्बाद हो गई और खेत बंजर हो गए. किसानों ने दोषियों पर SC/ST अत्याचार अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की.
डीडीसी ने पूरे मामले को डीसी के संज्ञान में लाने और आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया. अंचल अधिकारी के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है.
किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे. उनका कहना है कि जमीन उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत है, जिसे राख में दबा दिया गया.
भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अंकित आनंद और आजसू के प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने किसानों के प्रदर्शन का नेतृत्व किया. अंकित आनंद ने प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल उठाए और एसएसपी से एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की.
वहीं अप्पू तिवारी ने कहा कि आदिवासी हितैषी सरकार में भी आदिवासियों की आवाज नहीं सुनी जा रही है. उन्होंने स्थानीय विधायक की चुप्पी पर भी आक्रोश जताया.
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