- जेल परिसरों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा
- जेल सुरक्षा पर उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में कारा सुरक्षा से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय कारा घाघीडीह, मंडल कारा साकची एवं उपकारा घाटशिला की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था, आधारभूत संरचना और संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कैदियों के सेल, अस्पताल, वॉच टावर, सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में बताया गया कि केंद्रीय कारा घाघीडीह में कुल 50 चापाकलों में से 43 चालू हैं, जबकि 07 की मरम्मति लंबित है। घाटशिला में खराब पड़े 05 चापाकलों की मरम्मति हेतु भी त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
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जेल परिसरों की सुविधाओं पर उपायुक्त का जोर
बैठक में उपायुक्त ने केंद्रीय कारा घाघीडीह के महिला खंड में बच्चों के लिए क्रेच अधिष्ठापित करने की पहल का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिला बंदियों के बच्चों की देखभाल और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्रीय कारा, मंडल कारा और उपकारा में सिक्योरिटी ऑडिट नियमित रूप से कराया जाए। इसके अंतर्गत जेल परिसरों, वॉच टावर, कैदी वार्ड, कोर्ट हाजत और कारा अस्पताल सहित सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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सुरक्षा बलों की तैनाती और औचक निरीक्षण पर बल
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि केंद्रीय कारा घाघीडीह में सभी बंदी कक्ष, कारा अस्पताल और निर्माणशाला की मरम्मति हेतु तकनीकी स्वीकृति प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर सक्षम स्तर पर भेजा जाए, ताकि कारा परिसरों की संरचनात्मक स्थिति सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि जेलों की सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वॉच टावरों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग, औचक निरीक्षण और समन्वयात्मक कार्यप्रणाली पर विशेष बल देने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता कैदियों की सुरक्षा और कारा परिसरों की व्यवस्था को मजबूत करना है।