- डिजिटल युग में नई पीढ़ी को किताबों और साहित्य से जोड़ने की अनूठी पहल
- साहित्य उत्सव में दिखा युवाओं का उत्साह
जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में शुक्रवार को तीन दिवसीय साहित्य उत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर जिले में पहली बार आयोजित इस प्रथम साहित्य उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से अलग-अलग भाषाओं के साहित्यकार शामिल हुए। उत्सव के दौरान साहित्यकारों ने भाषा, संस्कृति, साहित्य और वर्तमान समय की सामाजिक व बौद्धिक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। साहित्य उत्सव में साहित्य, कला और स्थानीय खानपान से जुड़े विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए हैं, जो आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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जमशेदपुर में साहित्य और संस्कृति को मिला नया मंच
मौके पर धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा ने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं के बीच साहित्य के प्रति रुचि और प्रेम जगाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों से युवा वर्ग अपनी साहित्यिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ सकेगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस साहित्य उत्सव में कई सत्र, संवाद और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे साहित्य प्रेमियों को नई सोच और ऊर्जा मिलेगी। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल दौर में साहित्य और आम जीवन के बीच बढ़ती दूरी को कम करना बेहद जरूरी है और यह उत्सव उसी दिशा में एक सार्थक पहल है। उत्सव में विभिन्न साहित्यकारों द्वारा लिखी गई पुस्तकों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पाठकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं द्वारा बनाई गई पेंटिंग और कलाकृतियां भी दर्शकों को खूब आकर्षित कर रही हैं।