- चालक 24 घंटे ₹370 मजदूरी के विरोध में धरने पर, न्याय की प्रतीक्षा में लगातार संघर्ष
- न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर टाटा मोटर्स चालकों का अनवरत धरना जारी
जमशेदपुर : जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के कंवाई चालकों का धरना लगातार लगभग दो वर्षों से जारी है। चालकों की मांग है कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी और संबंधित अधिकार दिए जाएं। धरने पर बैठे चालक दिन-रात समय गुजार रहे हैं, अपने हाथों से खाना-नाश्ता बनाकर खाते हैं, साथ ही आसपास आने वाले कुत्तों, कबूतरों, कौवों और गायों को दाना-पानी का इंतजाम कर रहे हैं। यह धरना टाटा घराना, जिला प्रशासन और राज्य सरकार के सामने एक चुनौती बनकर उभरा है। 50 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब कंवाई चालकों ने इस तरह का संघर्ष किया है।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : भाजपा जमशेदपुर महानगर में संगठन पर्व : नामांकन प्रक्रिया संपन्न, शनिवार को होगी औपचारिक घोषणा
जमशेदपुर के कंवाई चालकों का धरना बना विवाद का केंद्र
धरने के पास से गुजरने वाले हजारों लोग इस घटना को देख रहे हैं, वहीं जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले हजारों चालक इस आंदोलन की चर्चा कर रहे हैं। आंदोलन ने ड्राइवर समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया है और यह पूरी तरह विश्वास के साथ जारी है, जब तक चालकों को न्याय नहीं मिलता। इस संघर्ष में उमेश प्रसाद, त्रिलोकी चौधरी, हरिशंकर प्रसाद, एन रामचंद्र राव, निर्मल सिंह और ज्ञान सागर प्रसाद जैसे लोग सक्रिय रूप से शामिल हैं। आंदोलन ने समाज और प्रशासन के सामने पूरे सिस्टम की असमर्थता और नंगी तस्वीर उजागर कर दी है।