ब्राह्मण, ब्रह्मर्षि, क्षत्रिय, कायस्थ समेत सवर्ण से जुड़े अन्य लोग हुए शामिल
जमशेदपुर : सवर्ण समाज की एक बैठक शुक्रवार को बिस्टुपुर स्थित लक्ष्मी नारायण गोस्वामी मंदिर में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता सवर्ण आर्मी के संस्थापक कन्हैया सिंह ने किया. इस दौरान उपस्थित लोगों को लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में सवर्ण समाज की उपेक्षा सभी राजनीतिक दल कर रहे हैं. जिसके कारण सवर्ण समाज अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं. खासकर युवाओं की भागीदारी या उनके शैक्षणिक संस्थानों में उनके ऊपर जातीय विडंबना जैसी अपवित्र धारणा पैदा कर उनके दिमागी संतुलन पर प्रहार करने और उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है. जिसे विफल करने के लिए सवर्ण आर्मी का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही संगठन का पूरे झारखंड प्रदेश में विस्तार किया जाएगा. इसके लिए जमशेदपुर के सवर्ण समाज के सभी बड़ों का विचार संगठन विस्तार एवं संचालन में जरूरी है.कार्यक्रम का संचालन अप्पू तिवारी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन वीर सिंह ने किया.
बैठक में सवर्ण समाज के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा हुई. बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब सवर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा और पूरे प्रदेश में सवर्ण आर्मी का सशक्त संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया जाएगा. बैठक में ब्राह्मण, क्षत्रिय, ब्रह्मर्षि और कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों की एकजुटता ने यह साफ कर दिया कि सवर्ण समाज अब बिखरा नहीं, बल्कि संगठित होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेगा.
ब्राह्मण समाज को हमेशा हाशिए पर रखा गया- कमल किशोर
ब्राह्मण समाज के पंडित कमल किशोर ने कहा कि “सवर्ण समाज को लगातार राजनीतिक और सामाजिक रूप से हाशिए पर धकेला गया है. अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सवर्ण आर्मी पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज की आवाज बनेगी यही नहीं सवर्ण आर्मी के साथ संगठन निर्माण और संचालित हेतु सतत् प्रतिशत सहयोग करेगी. वहीं अखिलेश दुबे ने दो टूक शब्दों में कहा, “जो लोग सवर्णों को कमजोर समझ रहे हैं, वे भ्रम में हैं. संगठन के माध्यम से हम हर मंच पर अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे.” कहा सवर्ण आर्मी का गठन होना युवाओं के लिए एक मजबूत प्लेटफार्म है जो सवर्ण समाज का खासकर युवाओं की आवाज बनने का प्रयास करेंगे.
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : हाथी की मौत में लापरवाही पर बामरा वन्य जीव प्रभाग के कर्मचारी की सेवाएं समाप्त
क्षत्रिय समाज ने दिखाई आक्रामकता
क्षत्रिय समाज से शम्भु सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब क्षत्रिय समाज संगठित हुआ है, व्यवस्था को झुकना पड़ा है. सवर्ण आर्मी के बैनर तले हम पूरे प्रदेश में निर्णायक भूमिका निभाएंगे. इसके लिए कन्हैया सिंह ने जो कदम बढ़ाया है सभी सवर्ण को लेकर आगे बढ़ने का उनका दृढ़ संकल्पित नेतृत्व क्षमता जरूर एक नई ऊंचाई पर लेकर जाएगी.
पूर्व डीएसपी राजीव रंजन सिंह ने कहा,“अब केवल चर्चा नहीं, बल्कि जमीन पर संघर्ष होगा। सवर्ण समाज को हक दिलाने के लिए हम हर स्तर पर दबाव बनाएंगे ताकि आने वाली पीढ़ी इस राजनीतिक भ्रांतियों का शिकार न हो सके क्योंकि वर्तमान परिवेश में सवर्णों के हक और अधिकार के लिए कोई तैयार नहीं है.
सवर्ण के साथ हमेशा खड़ा रहेगा ब्रह्मर्षि समाज
ब्रह्मर्षि समाज के रामनरायण शर्मा ने कहा कि “सवर्ण समाज के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ ब्रह्मर्षि समाज पूरी ताकत से सवर्ण आर्मी के साथ खड़ा है. हर संघर्ष पथ पर सवर्ण आर्मी के साथ ब्रह्मर्षि समाज अगली पंक्ति में खड़ा मिलेगा और राज्य हो या देश सवर्ण की आवाज बने सवर्ण आर्मी यही आशा और उम्मीद करता है. वही दीपू सिंह ने कहा,
“यह सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि सवर्ण समाज के स्वाभिमान की लड़ाई है. प्रदेश भर में युवाओं को जोड़ा जाएगा.” जहां उनकी जरूरत होगी हर विकट परिस्थिति में भी सवर्ण समाज के साथ एक परिवार के रूप में खड़े रहेंगे. उन्होंने चेताया कि सवर्ण समाज को कमजोर समझने की कोई भूल नहीं करे.
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : टीओपी चौक में अतिक्रमण हटाओ अभियान, सड़क जाम मुक्त
कायस्थ समाज ने समर्थन का जताया भरोसा
कायस्थ समाज के रूपेश कटियार ने कहा कि नीतियों में सवर्ण समाज की अनदेखी अब नहीं चलेगी. सवर्ण आर्मी संगठित होकर जवाब देगी. हमलोग तैयार है हर विकट परिस्थिति से निपटने के लिए. क्योंकि हमें हमारे अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता और अपने अधिकार और सम्मान स्वाभिमान के लिए तैयार है. वहीं अजय श्रीवास्तव ने कहा, सवर्ण समाज को वोट बैंक समझकर इस्तेमाल करने वालों को अब करारा जवाब मिलेगा. सवर्ण समाज समाजिक और राजनीतिक रूप से इतना मजबूत है कि आने वाले चुनाव में उनका माकूल जबाव देंगे. हर बार हमलोगों ने अपनी अहमियत बताई है इस बार और मजबूती के साथ बताएंगे. बैठक में टाटा मोटर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह, मानस मिश्रा, शिवशंकर सिंह, अरविंद ओझा, मंटू सिंह, भूपेंद्र सिंह, जुगुन वर्मा, कमलेश सिंह, अरुण सिंह, समेत अन्य ने अपने अपने विचार रखे. बैठक के अंत में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि सवर्ण आर्मी का गठन अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक संगठन खड़ा किया जाएगा। आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी अभियान और बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी.
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में मुख्य रूप से महेश सिंह, रजनीश कुंवर, बलराम सिंह, कमलेश सिंह, मनोज कुमार सिंह, वाईपी सिंह, अनिल सिंह, चिंटू सिंह, जुगनू वर्मा, अरुण सिंह, नकुल तिवारी, आरके दुबे, अखिलेश दुबे, शिवशंकर सिंह, अजय सिन्हा, आशुतोष सिंह, भूपेंद्र सिंह, अनिल सिंह, देवाशीष झा, हरि सिंह राजपूत, महेश तिवारी, संजीव रंजन, वेद प्रकाश उपाध्याय, रंजित झा, अरविंद ओझा, श्याम तिवारी, समरेंद्र मिश्रा, भीष्म सिंह, आकाश सिन्हा, हरेंद्र मिश्रा, ओमप्रकाश उपाध्याय, आनंदी ओझा, वीर सिंह, अप्पू तिवारी, दीपक सिंह, अशोक राय, अमित सिंह, मुकेश कुमार, दीपू सिंह, समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : उद्योगपति कैरव गांधी के अपहरणकर्ताओं के साथ पुलिस की देर रात मुठभेड़, तीन अपहर्ता घायल, एमजीएम अस्पताल में चल रहा है इलाज