दस्तावेज नहीं दिखा सके फार्मासिस्ट, दो दिनों में जवाब देने का निर्देश
पोटका : पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा लख्खी सरदार की ब्रेन मलेरिया से हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीएमओ अजय सिन्हा के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पोटका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने हाता स्थित निदान क्लिनिक का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान पता चला कि लख्खी सरदार का उपचार क्लिनिक में फार्मासिस्ट टी.के. गुप्ता द्वारा किया गया था। बताया गया कि इलाज डॉ. पी.के. प्रसाद के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर किया जा रहा था। निरीक्षण के समय डॉ. रजनी महाकुड़ ने मरीज के इलाज से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों की मांग की, लेकिन क्लिनिक प्रबंधन और फार्मासिस्ट कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा में ब्रेन मलेरिया के लक्षण होने के बावजूद उसके उपचार में मलेरिया की आवश्यक दवाएं नहीं चलाई गई थीं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए डॉ. महाकुड़ ने तत्काल प्रभाव से निदान क्लिनिक को बंद करने का निर्देश दिया।
साथ ही क्लिनिक प्रबंधन को दो दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज एसीएमओ अजय सिन्हा के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर क्लिनिक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में छात्रा की मौत के मामले में निदान क्लिनिक के फार्मासिस्ट की भूमिका और उपचार प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है तथा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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