पोटका: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की शहादत दिवस पर हल्दीपोखर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए समाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा में साहित्यकार सुनील कुमार दे, समाजसेवी शंकर चंद्र गोप, कृष्णा पद मंडल और गाजुड़ संस्था के संस्थापक जन्मे जय सरदार समेत कई लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का संकल्प लिया। जन्मे जय सरदार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। बिरसा मुंडा ने इन मूल अधिकारों की रक्षा के लिए अंग्रेजी सत्ता से लोहा लिया और हम सबको उनके पदचिह्नों पर चलना चाहिए। सभा के दौरान जन्मे जय सरदार ने हल्दीपोखर स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा की उपेक्षा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज उनके शहादत दिवस के अवसर पर प्रतिमा की सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जो हमारी संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है।
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