पोटका: पोटका प्रखंड के शंकरदा गांव में मातृभाषा के संरक्षण और प्रसार के लिए चल रहे जन आंदोलन को उस समय नई ऊर्जा मिली जब गांव के पूर्व शिक्षक समीर कुमार गोप ने अपने ट्यूशन क्लास में बांग्ला भाषा की पढ़ाई की विधिवत शुरुआत कर दी. गौरतलब है कि तीन जून को आयोजित “मातृशक्ति के माध्यम से मातृभाषा का प्रसार” कार्यक्रम के दौरान समीर गोप ने घोषणा की थी कि वे हर शनिवार अपने छात्रों को ‘अपूर पाठशाला’ के माध्यम से बांग्ला सिखाएंगे. इस जनजागरण अभियान का आयोजन झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति द्वारा किया गया था, जिसमें माताजी आश्रम, हाता से प्रेरणा लेकर यह निर्णय लिया गया था.
‘अपूर पाठशाला’ का प्रथम सत्र संपन्न
आज उसी क्रम में प्रथम बैच की कक्षा का विधिवत उद्घाटन समीर गोप द्वारा उनके ट्यूशन सेंटर में किया गया, जहां नौवीं और दसवीं कक्षा के 70 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं. प्रथम सत्र में विद्यार्थियों को बांग्ला वर्णमाला से परिचय कराया गया. इस पहल की सराहना करते हुए पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने कहा कि “मातृभाषा की लड़ाई में ऐसे समर्पित शिक्षकों का जुड़ना आवश्यक है. जब हर बांग्लाभाषी इस अभियान में भागीदार बनेगा, तभी सफलता संभव है.” प्रथम बैच में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में मंगीता भकत, रमा गोप, शीला भकत, कापरा हांसदा, मनीषा पात्र, लवली भकत, नंदिनी मंडल, नयना पात्र, पूजा गोप, पूजा भकत, अनु रजक, आशा भकत, संतोषी भकत और लक्ष्मी रानी गोप शामिल हैं.
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