- गरीबी को पीछे छोड़ 16 वर्षीय धावक ने हासिल किया राष्ट्रीय मंच तक का सफर
पुरुलिया : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के पुरुलिया–II ब्लॉक अंतर्गत बोंगाबाड़ी गांव का 16 वर्षीय छात्र गंगाधर महतो एक बार फिर जिले और जंगलमहल क्षेत्र का नाम रोशन करने जा रहा है। कक्षा 10 में पढ़ने वाला गंगाधर आगामी 24 जनवरी को झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित 60वीं राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में 2 किलोमीटर अंडर-16 वर्ग में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करेगा। यह उपलब्धि उसने नवंबर माह में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी में रोडरेस एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर प्राप्त की। उसकी इस सफलता के बाद वेस्ट बंगाल एथलेटिक्स एसोसिएशन ने आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उसके चयन की घोषणा की। कम उम्र में मिली यह उपलब्धि गंगाधर की कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
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गंगाधर महतो बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता अनादी महतो पेशे से राजमिस्त्री हैं, लेकिन शारीरिक अस्वस्थता के कारण अब नियमित रूप से काम नहीं कर पाते। माता फुची महतो दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, जबकि बड़ा भाई कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का अवसर मिलने के बावजूद आर्थिक तंगी गंगाधर के सपनों में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई। जब यह मामला मीडिया के माध्यम से सामने आया, तब लोगों का ध्यान इस होनहार खिलाड़ी की ओर गया। झाड़ग्राम से जंगलमहल स्वराज मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने सोशल मीडिया के जरिए गंगाधर की मदद के लिए अपील की, जिसके बाद समाज के जिम्मेदार लोगों ने आगे बढ़कर सहयोग का हाथ बढ़ाया।
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इस अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए झाड़ग्राम शहर के दवा व्यवसायी एवं समाजसेवी इंद्रनील घोष गंगाधर के गांव पहुंचे और उसे खेल के जूते, ट्रैक सूट (अपर-लोअर) तथा आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने गंगाधर को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गंगाधर के माता-पिता, उसके कोच अनंत महतो और अन्य स्थानीय लोग उपस्थित थे। इंद्रनील घोष ने कहा कि यदि छोटी-सी मदद से कोई प्रतिभा आगे बढ़ सके, तो वही सबसे बड़ी उपलब्धि है। अशोक महतो ने इसे एक प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि सरकार और समाज यदि मिलकर ऐसे खिलाड़ियों का समर्थन करे, तो जंगलमहल की कई प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं। वहीं कोच अनंत महतो ने उम्मीद जताई कि सामूहिक सहयोग से आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी प्रतिभा का सपना अधूरा नहीं रहेगा।