
आदित्यपुर: आदित्यपुर में स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय मुकुंद राम तांती की 123वीं जयंती 15 मार्च को धूमधाम से मनाई गई. समारोह का आयोजन आदित्यपुर स्वास्थ्य केंद्र जाने वाली सड़क और जलापूर्ति के समक्ष जियडा के पीछे किया गया था. इस मौके पर राजनीतिक नेताओं और समाजसेवियों ने उनकी प्रतिमा के समीप श्रद्धांजलि अर्पित की.
अतिक्रमण और अवैध धंधों का पर्दाफाश
हालांकि, इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उनका कहना है कि स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा के पास सरकारी जमीन पर कई अवैध धंधे चल रहे हैं. लगभग तीन-चार साल पहले प्रतिमा के पास चबूतरे का निर्माण किया गया था और बाद में इसके आसपास मांस-मछली की दुकानें खोली गईं. अब इन दुकानों से हर हफ्ते मोटी रकम वसूली जा रही है, जो राजनीति और प्रशासन की मिलीभगत का संकेत देता है.
प्रशासन की चुप्पी और नेताओं की अनदेखी
इस महत्वपूर्ण जयंती समारोह में कई राजनीतिक नेता और समाजसेवी उपस्थित थे, जिनमें युवा नेता विशेष कुमार उर्फ बाबू तांती, समाजसेवक अरुण पात्रो, देवाशीष पात्रो, बीजेपी नेता अरविंद कुमार, और कांग्रेस नेता रमेश बालमुचु सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे. हालांकि, इन सभी नेताओं ने स्वर्गीय मुकुंद राम तांती के योगदान पर अपने विचार रखे, लेकिन किसी ने भी अतिक्रमण के मुद्दे पर सवाल नहीं उठाया.
क्या प्रशासन और नेता इस अतिक्रमण से अनजान हैं?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब प्रशासन आंखें मूंद लेता है, तो अवैध कब्जा और व्यापार बढ़ जाता है. जनता को इस तरह की अनियमितताओं के खिलाफ जागरूक होकर आवाज उठाने की आवश्यकता है. अब सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दलों के नेता और स्थानीय प्रशासन इस अतिक्रमण और अवैध वसूली से अनजान हैं, या फिर मिलीभगत के कारण इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है?
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