सरायकेला: नगर पंचायत सरायकेला के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बिजली की खराब व्यवस्था को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंधक को शिकायत भेजी है। इसमें जूनियर अभियंता (JE) और सहायक अभियंता (AE) पर गैर-जिम्मेदारी और लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
पूर्व उपाध्यक्ष का कहना है कि दोनों अधिकारी सरायकेला में पदस्थापित होने के बावजूद ज्यादातर समय जमशेदपुर या आदित्यपुर में रहते हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनने के बजाय उनका मोबाइल फोन बंद रहता है या कॉल रिसीव नहीं करते।
शिकायत में बताया गया है कि बारिश और गर्मी के मौसम में सरायकेला में प्रतिदिन 12 से 14 घंटे बिजली कटौती हो रही है। इससे घरेलू कामकाज, छात्र, बुजुर्ग और महिलाएं प्रभावित हो रहे हैं। वहीं व्यापारी और स्थानीय उद्योग भी भारी नुकसान उठा रहे हैं। पेयजल आपूर्ति तक बाधित हो गई है।
मनोज चौधरी ने चेतावनी दी है कि शहर का विद्युत वितरण सिस्टम काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। जगह-जगह 11 हजार और 33 हजार वोल्ट के तार लटक रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। अब तक कई जानवरों की मौत हो चुकी है, और कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
पूर्व उपाध्यक्ष ने विभाग से मांग की है कि JE और AE के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे जोरदार आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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