सरायकेला: आद्रा रेल प्रमंडल के अधीन चांडिल रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे पुलिस बल (जीआरपी) की टीम ने संयुक्त रूप से दंगा नियंत्रण ड्रिल का अभ्यास किया। इस अभ्यास में स्टेशन के प्रमुख हिस्सों सहित आसपास के क्षेत्रों को शामिल किया गया।
दंगा ड्रिल में प्रयुक्त उपकरण
इस अभ्यास में सुरक्षा बलों ने दंगा नियंत्रण से जुड़े विशेष उपकरणों का प्रयोग किया, जिसमें शामिल थे:
आंसू गैस के कनस्तर
लाठियाँ
रक्षक ढाल
हेलमेट एवं शरीर सुरक्षा कवच
बलों ने इन उपकरणों के साथ व्यवस्थित ढंग से क्षेत्रीय गश्त और कार्रवाई की मॉक ड्रिल की।
वर्चस्व अभ्यास के प्रमुख क्षेत्र
संयुक्त अभ्यास के दौरान चांडिल स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1, 2, 3 और 4, सर्कुलेटिंग एरिया, बुकिंग काउंटर और रेलवे कॉलोनी सहित पूरे स्टेशन परिसर में पुलिस बलों ने अपना वर्चस्व स्थापित कर सुरक्षा परीक्षण किया।
यह अभ्यास यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि किसी भी अप्रिय घटना, दंगा या उग्र विरोध की स्थिति में बल तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया दे सके।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकसी
इस अभ्यास में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया:
पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती: रेलवे परिसर में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित बल तैनात किए गए थे, जो किसी भी संकट से निपटने को तैयार थे।
उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था: आरपीएफ और जीआरपी के पास हर आवश्यक उपकरण मौजूद थे, जो आपातकालीन स्थिति में कारगर साबित हो सकते हैं।
तालमेल और तत्परता: दोनों बलों के बीच समन्वय और सूझबूझ से अभ्यास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
प्रशासन का उद्देश्य
रेल प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य इस अभ्यास के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, संभावित खतरे की समय पर पहचान करना और सुरक्षा बलों की तत्परता का परीक्षण करना था। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की नियमित तैयारियाँ संभावित खतरों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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