सरायकेला: झारखंड के सरायकेला जिले में कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ। हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर सीनी स्टेशन के पास सैकड़ों लोग ट्रैक पर बैठ गए। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे भी मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने पहले धारा 144 लागू कर दावा किया था कि किसी को ट्रैक तक नहीं पहुंचने देंगे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के दबाव के आगे पुलिस को पीछे हटना पड़ा। नतीजतन रेल सेवा घंटों बाधित रही।
धरने में शामिल नवीन महतो ने कहा कि कुड़मी समाज पहले एसटी सूची में था, लेकिन “षड्यंत्र के तहत” हटा दिया गया। उन्होंने कहा, “हम सालों से मांग कर रहे हैं, पर सरकार सुन नहीं रही। अब और इंतजार नहीं होगा।”
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत ‘रेल टेको’ के नाम से हुई है और इसे अनिश्चितकालीन बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारी साफ कह रहे हैं कि रेल रोकने के साथ वे अपने हक की लड़ाई लगातार जारी रखेंगे।
धरने में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी ने इसे अलग स्वरूप दिया। कुछ लोग इसे शांतिपूर्ण संघर्ष बता रहे हैं, जबकि रेलवे और पुलिस प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती बन गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हावड़ा-मुंबई मार्ग पर कई ट्रेनें रुक गईं। लगभग 500 से अधिक लोग धरने में शामिल रहे। पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों की जुझारूता के आगे नाकाम रही।
इसे भी पढ़ें :
Bihar: रोहिणी आचार्य ने एक्स अकाउंट किया प्राइवेट, बोलीं– पद की चाह नहीं, आत्मसम्मान सबसे ऊपर
There is no ads to display, Please add some



















































