झाड़ग्राम: बिनपुर-II ब्लॉक के हरदा गाँव में 163 वर्षों से चली आ रही प्रसिद्ध लक्ष्मी–सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन इस वर्ष भी आरंभ हो गया है। पाँच दिनों तक चलने वाली इस अद्वितीय पूजा में देवी लक्ष्मी (हल्की गुलाबी साड़ी में) और देवी सरस्वती (सफेद साड़ी में) की एक साथ पूजा की जाती है, जिनके ऊपर भगवान नारायण विराजमान रहते हैं।
विशेषता यह है कि दोनों देवियों के साथ उनकी चार सहचारियों — जिन्हें स्थानीय लोग ‘लुक-लुकानी’ कहते हैं — की भी पूजा होती है। आयोजकों का कहना है कि यहाँ नारायण के पूरे परिवार की पूजा की जाती है, जो इस उत्सव को पूरे झारग्राम जिले में विशिष्ट बनाता है।
हरदा लक्ष्मी पूजा समिति के सचिव तारापद साहा ने बताया कि “विष्णु पुराण के अनुसार, नारायण की दो पत्नियाँ — लक्ष्मी और सरस्वती — हैं। हमारे पूर्वजों ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दोनों देवियों की एक साथ पूजा शुरू की थी।” यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का भी संदेश देता है। देश-विदेश में रहने वाले परिवारजन इस अवसर पर गाँव लौटते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहता है।
इस वर्ष पूजा का बजट लगभग 18 लाख रुपये रखा गया है। समिति के सदस्य भुवन मंडल ने बताया कि पूजा का मुख्य आकर्षण इस बार भी पर्यावरण-अनुकूल “हरी आतिशबाजी” होगी, जिसे देखने हर वर्ष हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। इसके अलावा सात दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी चलेगी।
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