Jamshedpur : मंत्री के रिपोर्ट को ही गलत बताना दुर्भाग्यजनक, सीबीआई जांच के लिए कोर्ट जाएंगे : सरयू राय

 

जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि सीएजी के अंकेक्षण रिपोर्ट में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार एवं घपले-घोटालों के पर्दाफाश का स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा बचाव किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।  राय ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का जो नंगा नाच हुआ है, उसके दोषियों पर कार्रवाई करने के बदले स्वास्थ्य मंत्री सीएजी रिपोर्ट को ही गलत बता रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में अनियमितता

सरयू राय ने कहा कि यदि झारखंड सरकार और इसके स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य विभाग में विगत पांच वर्षों में हुए भ्रष्टाचार और घपले-घोटालों पर कार्रवाई करने के बदले इसका बचाव करेंगे तो यह विषय न्यायपालिका में जाएगा.  जिस तरह से चारा घोटाले में सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय के हस्तक्षेप से सीबीआई जांच हुई, उसी तरह से स्वास्थ्य विभाग के इस भ्रष्टाचार की जांच भी सीबीआई से कराने की मांग की जाएगी। राय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में अनियमितता, ऊंचे मूल्य पर दवाओं की खरीद करना, कम शक्ति वाली दवाओं की खरीदी और केंद्र सरकार से कोविड काल में मिले धन का मात्र 32 प्रतिशत ही खर्च करना और उसमें भी बंदरबांट करना, ये जनस्वास्थ्य के प्रति अपराध है।

 इन बिंदुओं पर सीएजी रिपोर्ट में इशारा किया गया है,  जिसके दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है

1. जरूरी दवाओं की भारी किल्लत-राज्य के सरकारी अस्पतालों में हालात इतने खराब हैं कि 65 से 95 प्रतिशत तक जरूरी दवाएं हैं ही नहीं। सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

2. कोविड फंड घोटाला-केंद्र ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए 483.5 करोड़ रुपये जारी किये। राज्य को 272.88 करोड़ रुपये जोड़ने थे। लेकिन कुल 756.42 करोड़ रुपये में से सिर्फ 137 करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। नतीजा यह हुआ कि आरटीपीसीआर लैब, ऑक्सीजन प्लांट और अस्पतालों की बुनियादी सुविधाएं अधूरी रह गईं।

3. मातृत्व लाभ योजना में खुली लूट-राज्य के बोकारो और धनबाद जिलों में मातृत्व लाभ योजना में खुला खेल खेला गया। चार माह के भीतर ही एक ही महिला को दो बार लाभ दे दिया गया और हर बार 1500 रुपये की अनुग्रह राशि दी गई। यह सिर्फ एक उदाहरण है। असल में इस किस्म की अनगिनत गड़बड़ियां हो रही हैं।

4. आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य योजना में धांधली-हेमंत सरकार की अबुआ स्वास्थ्य योजना के नाम पर गरीबों को ठगा जा रहा है। योजना की शर्ते ऐसी रखी गईं कि सिर्फ बड़े और कॉरपोरेट अस्पतालों को ही फायदा मिले। ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों को इससे बाहर कर दिया गया।

5. निजी अस्पतालों की चांदी-सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली में निजी अस्पतालों की चांदी कर दी है। सरकारी सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है और आम जनता को इलाज के लिए महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें : Adityapur : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यालय को पूर्वी सिंहभूम में स्थानांतरित करने का निर्णय


There is no ads to display, Please add some
Spread the love
  • Related Posts

    Jamshedpur : टाटा मोटर्स में बोनस समझौते से खुश कर्मचारियों ने पेंट फैक्ट्री में अध्यक्ष व महामंत्री का किया जोरदार स्वागत

    जमशेदपुर : ऐतिहासिक बोनस समझौता के खुशी में टाटा मोटर्स के पेंट फैक्ट्री में एक अभिनंदन समारोह आयोजित की गई। जिसमें टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद,…

    Spread the love

    Jhargram : जनता के बीच पहुंचे विधायक, चाय पर चर्चा में सुनीं जनता की समस्याएं, समाधान का दिया भरोसा

    झाड़ग्राम : लोगों की समस्याओं और शिकायतों को करीब से जानने के लिए झाड़ग्राम के विधायक लक्ष्मीकांत साउ ने मंगलवार सुबह विधानसभा क्षेत्र के 9 नंबर वार्ड में ‘चाय पर…

    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Share this Page

    Slide-In Box help you to share the page on the perfect time