
रामगढ़: रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड स्थित बसंतपुर गाँव में सीसीएल द्वारा शुरू की जाने वाली “कोतरे बसंतपुर पंचमो” परियोजना को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया. यह विरोध तब शुरू हुआ जब सीसीएल की बड़ी मशीनें परियोजना स्थल पर पहुंचीं, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर ही रोक दिया. उनके विरोध का कारण था उचित नौकरी और मुआवजा की मांग.

विशाल जन आक्रोश सभा
विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हुए और एक विशाल जन आक्रोश सभा का आयोजन किया. सभा में जदयू के राज्यसभा सांसद खिरू महतो भी शामिल हुए. उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीसीएल कंपनी मनमानी तरीके से काम करना चाहती है, जो ग्रामीणों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा. खिरू महतो ने भावुक होते हुए यह भी कहा कि यदि बातचीत से हल नहीं निकला, तो वह इसे राज्यसभा में उठाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ममता बनर्जी ने कंपनियों को वापस भेजा था, तो इसी तरह यह कंपनी भी यहां से वापस जाएगी.
राजनीतिक दलों का समर्थन
विरोध प्रदर्शन में झामुमो, बीजेपी, आजसू और जदयू पार्टी के कार्यकर्ता और नेता भी शामिल हुए. सभी ने एकजुट होकर सीसीएल के खिलाफ नारेबाजी की और ग्रामीणों की मांगों को समर्थन दिया.
क्या है स्थानीय ग्रामीणों की प्रमुख मांग?
स्थानीय ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि सीसीएल द्वारा शुरू की जा रही इस परियोजना में उन्हें उचित नौकरी और मुआवजा नहीं मिल रहा है. उनका कहना है कि यह परियोजना उनके जीवन और आजीविका पर प्रतिकूल असर डालेगी.
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