इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे कॉलेज, अगले साल से होना है शुरू

एनसीटी के बेवसाइट पर नहीं हो पा रहा आवेदन, 2030 तक ही मान्य होगा दो वर्ष का बीएड कोर्स

जमशेदपुर : नए सत्र यानी 2025 से कोल्हान विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत बीएड कॉलेजों में बीएड इंटीग्रेटेड टीचर प्रोग्राम शुरू होना है.  लेकिन अभी तक कई कालेज आवेदन नहीं कर पाए हैं. सभी कॉलेजों को जहां बीएड का संचालन हो रहा है उन्हें अपने इंट्रीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के संचालन के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) में आवेदन करना होगा. कोल्हन विश्वविद्यालय सहित झारखंड के किसी भी यूनिवर्सिटी में इसकी शुरुआत अभी तक नहीं हो सकी है.

इसे भी पढ़ें : भुवनेश्वर नगर में मां माधवी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

 

2 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता 2030 तक ही मान्य होगी

इंट्रीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू होने के बाद विद्यार्थी 4 वर्षीय बीएड कोर्स कर सकेंगे. इन चार वर्षीय कोर्स में विद्यार्थियों का बीए और बीएड दोनों की डिग्री एक बार में पूरी होगी.  ऐसे में विद्यार्थियों का एक वर्ष बचेगा.  इंट्रीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम जमशेदपुर महिला कॉलेज, ग्रेजुएट कॉलेज, कॉपरेटिव कॉलेज, बहरागोड़ा कॉलेज ने आवेदन किया है. एनसीटीई के बेवसाइट पर जाकर कॉलेज को आवेदन करना है. लेकिन अभी एनसीटीई के बेवसाइट पर इसका लिंक नहीं मिल पा रहा है. इस कारण कॉलेज आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. 2 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता 2030 तक ही मान्य होगी. 2030 के पूर्व सभी बीएड कॉलेजों को अपने-अपने कॉलेज में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम को शुरू करना है.  वहीं एनसीटीई में आवेदन के बाद वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही कॉलेजों में चार वर्षीय बीएड कोर्स में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. इसके लिए सभी कॉलेजों ने अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी है.  न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत 2028 के बाद चार वर्षीय बीएड ही पूरी तरह से लागू होना है.  अभी झारखंड के किसी भी कॉलेज में चार वर्षीय बीएड कोर्स संचालित नहीं हो सका है. एनसीटीई आवेदन के बाद संबंधित कॉलेज के संसाधनों की जांच के बाद ही कॉलेजों को इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने की अनुमति मिलेगी.

इसे भी पढ़ें : बोकारो में 70 वर्षीय वृद्ध का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस

Spread the love

Related Posts

Jadugora : पर्यावरण चेतना केन्द्र बड़ा सिकदी में उल्लास के साथ मनाया गया बिरसा मुंडा की शहादत दिवस

जल, जंगल व जमीन बचाने के लिए बिरसा मुंडा ने किया था संघर्ष : सिदेश्वर सरदार जादूगोड़ा : पर्यावरण चेतना केन्द्र बड़ा सिकदी में बिरसा मुंडा की 126 वां शहादत…

Spread the love

Jamshedpur : झामुमो मानगो नगर समिति ने भगवान बिरसा मुंडा को शहादत दिवस पर अर्पित की श्रद्धांजलि

जमशेदपुर : झामुमो मानगो नगर की ओर से धरती आवा वीर शहिद बिरसा मुंडा जी के शहादत दिवस पर साकची एवं भुइंयाडीह में उनके मूर्ति पर फूल माला चढ़ा कर…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time