पोटका : सेवानिवृत होने पर शिक्षक श्यामल कुमार मंडल को झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा सम्मान समारोह के दौरान उन्हें फूलों का गुलदस्ता, शॉल ओढ़ाकार तथा मेंमोंटो देकर सम्मानित किया गया। वैसे तो मार्च 2024 से फरवरी 2025 तक जितने भी शिक्षक सेवानिवृत हुए उनको संघ ने सम्मानित कर उदाहरण प्रस्तुत किया है । श्यामल कुमार मंडल शिक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों से जुड़ाव रखते थे । सामाजिक कुरीतियों को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाते थे । हमेशा विद्यालय के विकास में उनके सराहनीय योगदान के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति उनकी यादों को संजोए रखा है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अनाथ बच्चों को दाखिला के साथ उनके अभिभावक की कमी महसूस न हो इसको लेकर बीच-बीच में विद्यालय में जाकर उन बच्चों से मिलना एवं उनके आवश्यकता को पूर्ण करना कार्य शैली में शामिल था।
विद्यालय हमेशा सुर्खियों में रहता है
उनके इन कार्यों को विद्यालय को शिक्षकों ने भी भरपूर सहयोग किया। जिसके कारण कई अनाथ छात्र आज कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में अध्यनरत है . वही जब संघ द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया तो उनका मन गदगद हो उठा, हमेशा से ही संघ द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में उनका सराहनीय योगदान रहा, अभी वर्तमान में संघ के प्रखंड अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। जिसको लेकर आज भी शिक्षकों में उनके प्रति अपार प्रेम एवं श्रद्धा है। इतना ही नहीं विद्यालय परिवार को एक सूत्र में पिरोकर विद्यालय के विकास में लगे रहे विद्यालय के कमियों एवं संसाधनों को जुटाने का प्रयास करते रहे, आज विद्यालय में डिजिटल क्लास,कंप्यूटर की व्यवस्था, पेयजल, पोॅधारोपण आदि के माध्यम शिक्षकों एवं ग्रामीणों तथा प्रबंधन समिति के सहयोग से विकास करते रहें। जिससे विद्यालय के बच्चों को उनके अध्ययन में काफी सहयोग प्रदान कर रहा है। वही मध्य विद्यालय गीतीलता आज भी उत्कृष्ट विद्यालय में जाना जाता है। साथ ही इसी विद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी अपनी प्राथमिक शिक्षा प्रारंभ की थी जिसको लेकर विद्यालय हमेशा सुर्खियों में रहता है।
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