West Singhbhum: एक रात, तीन घर तबाह और एक मौत… कब थमेगा हाथियों का उत्पात?

पश्चिम सिंहभूम: सारंडा जंगल क्षेत्र में हाथियों का उत्पात एक बार फिर भयावह रूप में सामने आया है. बीती रात पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत भनगांव गांव में एक दंतैल हाथी ने घुसकर तीन परिवारों के घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया. प्रभावित परिवारों में नरसिंह तोरकोड, जोटो तोरकोड और कोतोय तोरकोड शामिल हैं. उनके घरों में रखा अनाज, बर्तन, कपड़े और दस्तावेज सब कुछ बर्बाद हो गया. लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर जंगल की ओर भागे. ग्रामीणों के अनुसार, देर रात एक विशालकाय जंगली हाथी गांव में घुस आया और कई घंटे तक उत्पात मचाता रहा. उसने एक-एक कर तीनों घरों को तहस-नहस कर डाला. गांव में अफरा-तफरी मच गई. भयभीत ग्रामीण रातभर पहाड़ियों और जंगलों में छिपे रहे.

ओडिशा में महिला की मौत, क्षेत्र में फैली दहशत
झारखंड से सटी ओडिशा सीमा पर सुंदरगढ़ जिले के मुटुहाल गांव से भी एक दुखद समाचार आया है. यहां एक महिला को हाथी ने रौंद कर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना ने दोनों राज्यों के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से न तो कोई अलर्ट जारी किया गया, न ही किसी प्रकार की गश्ती की व्यवस्था की गई थी. आमतौर पर चेतावनी दी जाती है, परंतु जब असल संकट आता है, तब कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं दिखता. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा प्रदान किया जाए. साथ ही गांवों के आसपास सौर बाड़ लगाने, गश्ती दल नियुक्त करने और जागरूकता अभियान चलाने जैसे ठोस उपाय किए जाएं.

इसे भी पढ़ें : West Singhbhum: SAIL के सहायक महाप्रबंधक N k विश्वास को भावभीनी विदाई

Spread the love

Related Posts

Bahragora :  कुलडीहा में लाखों की सरकारी संपत्ति बदहाल, इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण

बहरागोड़ा : पुरनापानी पंचायत के कुलडीहा में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर अपनी स्थापना के मूल उद्देश्यों को ठेंगा दिखाते हुए आज विभागीय लापरवाही और घोर प्रशासनिक उपेक्षा का जीवंत स्मारक…

Spread the love

Potka : ब्रेन मलेरिया के कहर में लोगों को याद आए फार्मासिस्ट अनिल कुमार टुडू, कहा जागरूकता ही बचाव है

पोटका : ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के बीच लोगों को पूर्व फार्मासिस्ट अनिल कुमार टुडू की सेवाएं याद आ रही हैं। वर्ष 2003 से 2005 तथा 2007 से 2015…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time