पटना: आज बिहार की राजनीति में एक अहम दिन है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुधवार को पटना में आयोजित बिहार बंद मार्च की अगुवाई करेंगे. यह विरोध मार्च गोपाल खेमका हत्याकांड और राज्य में बढ़ते अपराध के खिलाफ महागठबंधन की एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आ रहा है.
राहुल गांधी के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मार्च में भाग लेंगे. इसके अतिरिक्त कई अन्य प्रमुख विपक्षी नेता, जैसे सांसद पप्पू यादव, पहले ही इस मुद्दे पर सक्रियता दिखा चुके हैं.
कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी पटना में गोपाल खेमका के आवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे. गौरतलब है कि 4 जुलाई को पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वे जिस अपार्टमेंट में रहते थे, उसी के गेट के पास उन्हें निशाना बनाया गया था.
हत्या मामले में खुलासा, दो गिरफ्तार
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद लगातार पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में था. हालांकि 8 जुलाई को पटना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस केस में बड़ा खुलासा किया. मामले में शूटर उमेश और मास्टरमाइंड अशोक को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसआईटी गठित कर जांच में तेजी लाई गई, जिससे गिरफ्तारी संभव हो सकी.
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
इस हत्या के बाद विपक्षी नेताओं ने नीतीश सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल उठाए. तेजस्वी यादव और पप्पू यादव जैसे नेताओं ने कहा कि गांधी मैदान जैसे हाई-सेक्योरिटी जोन में इस तरह की घटना का होना, राज्य की पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
विपक्ष का आरोप है कि यदि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर थाना मौजूद होने के बावजूद पुलिस तत्काल नहीं पहुंचती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है?
इसे भी पढ़ें : Gopal Khemka Murder Case: एनकाउंटर में शूटर ढेर, हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार – परिजनों ने उठाए सवाल
चुनावी समीकरण और बिहार बंद
बिहार बंद की घोषणा महागठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के विरोध में की है. उनका आरोप है कि यह अभियान सत्ताधारी दल की तरफ से चुनावी फायदों को देखते हुए पक्षपातपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है.
पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में आज विपक्षी दलों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं. खासकर राजधानी में जोरदार मार्च और आम जनता की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट पर है.
क्या यह बंद विपक्ष को दे पाएगा नया सियासी बल?
राहुल गांधी की मौजूदगी और गोपाल खेमका के परिवार से मिलने का भावनात्मक पक्ष, बिहार की राजनीति में विपक्ष को एकजुटता का संदेश देने का प्रयास है. अब देखना यह है कि यह आंदोलन सरकार को कितनी चुनौती दे पाएगा और जनता के बीच इसका क्या असर होता है.
इसे भी पढ़ें : Bihar: खेमका की हत्या के बाद बिहार की कानून व्यवस्था पर उठा सवाल, राहुल गांधी ने कहा – अपराध के साये में जी रहा बिहार
There is no ads to display, Please add some




















































