देहरादून: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। कांगड़ा जिले में 10 मकान पूरी तरह गिर गए और 50 घरों को नुकसान पहुंचा। 64 गोशालाएं और एक दुकान भी ढह गई। इस सीजन में अब तक 1,500 से अधिक घर नष्ट हो चुके हैं। 417 लोगों की मौत हो चुकी है और 45 लोग अब भी लापता हैं। प्रदेश में 517 सड़कें, 441 बिजली ट्रांसफार्मर और 274 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।
मसूरी में फंसे हजारों सैलानी
देहरादून-मसूरी मार्ग कई जगहों से टूट गया है, जिसके कारण करीब 2,500 पर्यटक मसूरी में फंस गए। हल्के वाहनों के लिए कोल्हूखेत में अस्थायी बेली ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसे जल्द चालू करने की तैयारी है। राहत के तौर पर विकासनगर मार्ग खुलने के बाद कुछ सैलानी लौट पाए। प्रशासन ने बाकी पर्यटकों से जहां हैं, वहीं रुकने की अपील की है।
दून घाटी: मौतों का आंकड़ा बढ़ा
देहरादून आपदा की भयावहता और सामने आ रही है। बुधवार को पांच और शव मिले, जिससे मरने वालों की संख्या 22 हो गई। 23 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें सहारनपुर के छह मजदूर भी शामिल हैं। हालांकि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक अब तक 16 मौत और 17 लापता लोगों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। एसडीआरएफ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 19 सितंबर तक पश्चिम बंगाल के हिमालयी जिलों—दार्जीलिंग, कलिमपोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार—में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, राज्य के दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
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