नई दिल्ली: हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह दिन और रात बेहद पवित्र मानी जाती हैं। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी पूरी ज्योति के साथ अमृतवर्षा करते हैं। इस दिन किए गए उपाय घर में सुख-शांति, ऐश्वर्य और लक्ष्मी कृपा सुनिश्चित करते हैं।
1. चंद्रमा को अर्घ्य देना
शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा को दूध, जल और सफेद पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मानसिक शांति, दांपत्य सुख और आर्थिक समृद्धि मिलती है। साथ ही, चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर अमृत तुल्य होती है। इसे ग्रहण करने से रोग नाश और धन-धान्य की वृद्धि होती है।
2. खीर का प्रसाद चांदनी में रखना
इस दिन खीर बनाकर खुले आसमान में बर्तन में रखना शुभ माना जाता है। अगले दिन इसे ग्रहण करने से परिवार में सुख-शांति, ऐश्वर्य और आरोग्य आता है।
3. लक्ष्मी पूजन और श्री सूक्त पाठ
शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी का पूजन विशेष फलदायी होता है। सफेद पुष्प, चंदन, धूप, दीप और खीर का भोग लगाकर विधिपूर्वक पूजन करें।
श्री सूक्त पाठ करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ऐसा करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि, सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का स्थायी वास सुनिश्चित होता है।
श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करने से चंद्रमा की कृपा भी मिलती है।
4. दान करना
शरद पूर्णिमा के दिन गरीब और जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र, खीर, चावल या मिठाई दान करना शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि दान करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में समृद्धि व सुख-शांति आती है।
5. दीपक जलाना
घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाना शुभ होता है। दीपक नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इससे लक्ष्मी का स्वागत होता है और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
6. मंत्र जाप
इस दिन “ॐ लक्ष्म्यै नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करना बेहद फलदायी है। मंत्र जाप से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
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