जमशेदपुर: केरला पब्लिक स्कूल, कदमा में आयोजित युवा सम्मेलन का दूसरा दिन प्रेरणादायक माहौल में शुरू हुआ। छात्रों के बीच एक छोटी पुस्तिका वितरित की गई, जिसमें उन्हें यह लिखने के लिए प्रोत्साहित किया गया कि उनकी एकाग्रता में कौन-कौन से कारक बाधा डालते हैं। यह गतिविधि छात्रों को आत्ममंथन के माध्यम से अपने ध्यान और फोकस को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
पहला सत्र विरल मजूमदार की आत्मिक प्रार्थना से आरंभ हुआ। इसके बाद उन्होंने “मौन की शक्ति” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने एक प्रेरक कहानी के माध्यम से यह संदेश दिया कि आत्म-विकास के लिए मौन समय और आत्मसंवाद अत्यंत आवश्यक है। छात्रों को चिंतन डायरी रखने की सलाह दी गई ताकि वे अपने विचार और प्रगति दर्ज कर सकें। मजूमदार ने कहा, “यदि आप खुद को बदलते हैं तो आपका परिवार बदलता है, जब परिवार बदलता है तो समाज बदलता है, और जब समाज बदलता है तो राष्ट्र भी बदलता है।”
सत्र का समापन क्वाइट टाइम – आत्मचिंतन गतिविधि के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने स्वयं के विचारों और व्यवहार पर मनन किया।
भोजनावकाश के बाद दूसरा सत्र शुरू हुआ। इसमें चार विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सेल्फ-कन्फेशन सेशन में अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। चर्चा का मुख्य बिंदु यह रहा कि ये विद्यालय वर्ष व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र विकास और करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद “माय लाइफ” शीर्षक गतिविधि के तहत छात्रों को अपनी अच्छी और बुरी आदतों को चिन्हित कर लिखने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे आत्म-जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन की भावना को बल मिला।

इस सत्र में तीन प्रेरणादायक वक्ताओं — तन्वी, रशेश और श्रद्धा ने छात्रों को अपने अनुभवों और जीवन कथाओं के माध्यम से प्रेरित किया। श्रद्धा ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे वे एक वेतनभोगी कर्मचारी से सफल व्यवसायी बनीं। उन्होंने मेहनत, महिलाओं के सशक्तिकरण और अपने सपनों को दृढ़ निश्चय से पूरा करने पर जोर दिया। रशेश ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि सफलता के लिए सशक्त मूल्य, आत्म-अनुशासन और दृढ़ता अनिवार्य हैं।
इसके बाद छात्रों को समय प्रबंधन पर एक क्रियाकलाप कराया गया, जिसमें उन्हें सिखाया गया कि किस तरह दैनंदिन कार्यों को व्यवस्थित करके समय की बर्बादी को रोका जाए। विद्यार्थियों ने इस क्रियाकलाप से यह सीखा कि कई बार वे अनजाने में अपना बहुमूल्य समय खो देते हैं।
‘लेट्स मेक अ डिफरेंस’ जमशेदपुर युवा सम्मेलन के दूसरे दिन का समापन प्रेरणादायक और आत्मचिंतनपूर्ण वातावरण में हुआ। छात्र नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विद्यालय से लौटे, आत्मविकास, अनुशासन और उद्देश्यपूर्ण जीवन की दिशा में नया कदम बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
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