- कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
- शिक्षा के विकास के लिए संगठित प्रयास
गुवा/जमशेदपुर : डीएवी, सेंटर ऑफ एकेडमिक एक्सीलेंस (सीएई), नई दिल्ली के तत्वावधान में झारखंड एल जोन, जमशेदपुर संभाग द्वारा डीएवी एनआईटी आदित्यपुर (जमशेदपुर) में तीन दिवसीय शिक्षक सेमिनार सह कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में डीएवी गुवा, चिड़िया, झींकपानी, बहरागोड़ा, नोवामुंडी एवं डीएवी एनआईटी आदित्यपुर के कुल 185 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। सेमिनार का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ते हुए बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि और गुणवत्ता को और सुदृढ़ करना है। शुभारंभ अवसर पर शिक्षकों में विशेष उत्साह और सीखने की जिज्ञासा देखने को मिली।
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शिक्षकों की भूमिका पर दिया गया विशेष संदेश
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कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए झारखंड एल जोन, जमशेदपुर संभाग की क्षेत्रीय सहायक रीजनल ऑफिसर सुश्री रेखा कुमारी ने कहा कि डीएवी संस्था की मजबूत प्रबंधन प्रणाली के कारण शिक्षक और प्राचार्य एक मंच पर आकर अपने अनुभवों का आदान-प्रदान कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों की अध्यापन विधि सशक्त और व्यवहारिक होनी चाहिए। शिक्षकों को अपने विद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सतत प्रयासरत रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि डीएवी सीएई शिक्षकों को आधुनिक एवं वर्तमान परिवेश से जोड़ते हुए शिक्षा के विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
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बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में शिक्षकों की चुनौती
रेखा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में शिक्षा के माध्यम से समाज और परिवेश को बदला जा सकता है। वर्तमान पीढ़ी के विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर पहले की तुलना में कहीं अधिक है, ऐसे में शिक्षण कार्य किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि गूगल और डिजिटल युग में शिक्षकों को प्रायोगिक, प्रभावशाली और नवाचारपूर्ण शिक्षा पद्धतियों को अपनाना होगा। शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान को रूपांतरित करने और उन्हें सही दिशा देने की कला में निपुण होना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर समृद्ध करने के लिए प्रेरित किया।
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विषयवार प्रशिक्षण से शिक्षकों को मिला लाभ
उल्लेखनीय है कि 3 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुए इस तीन दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में विभिन्न विषयों के शिक्षकों को अलग-अलग कक्षाओं में वर्गीकृत कर विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभदायक और शिक्षाप्रद सिद्ध हो रहा है। कार्यक्रम की मॉनिटरिंग डीएवी चिड़िया के प्राचार्य डॉ. शिवनारायण सिंह, डीएवी बहरागोड़ा के प्राचार्य मुकेश कुमार, डीएवी झींकपानी के विवेकानंद घोष, डीएवी गुवा की माधवी पाण्डेय तथा डीएवी नोवामुंडी के प्रशांत कुमार भुइयां द्वारा की जा रही है। सभी प्राचार्य एआरओ रेखा कुमारी के साथ मिलकर कार्यशाला की अगुआई करते नजर आए।
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प्रशिक्षकों और शिक्षकों का रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम की सफलता में डीएवी एनआईटी आदित्यपुर के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख शिक्षकों में कौशिक चटर्जी, अशोक कुमार खुण्टिया, देवब्रत चक्रवर्ती, अभय कुमार सिन्हा, सुधा रानी एवं जे. रामा का योगदान उल्लेखनीय रहा। वहीं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं जैसे श्रुति शर्मा, संदीप पात्रा, राकेश कुमार मिश्रा, समीर कुमार प्रधान, श्रवण कुमार पाण्डेय, पुष्पांजलि नायक, संगीता झा, प्रीति कुमारी, अंजन सेन, रंजना प्रसाद, विवेकानंद कुंडू, इन्द्रजीत गांधी, सुष्मिता महतो सहित अन्य की सक्रिय भागीदारी रही। कुल मिलाकर यह सेमिनार शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला साबित हो रहा है।