Muri : जेपीएससी आयु सीमा संशोधन को लेकर लोक भवन पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो, महामहिम ने दिया सकारात्मक आश्वासन

  • जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की अधिकतम आयु सीमा पर छात्रों में नाराजगी

मुरी : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा के आयु सीमा निर्धारण को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को ‘झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा’ का एक शिष्ट मंडल देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में लोक भवन, रांची पहुंचा और महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम को अवगत कराया कि वर्तमान नियुक्ति विज्ञापन में अधिकतम आयु सीमा का कट ऑफ डेट 01 अगस्त 2026 निर्धारित किया गया है, जो पूर्ववर्ती विज्ञापनों और परीक्षा चक्र के अनुरूप नहीं है। शिष्ट मंडल ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए संशोधन की मांग रखी।

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जेपीएससी आयु सीमा विवाद : बढ़ रही है छात्रों की नाराजगी

शिष्ट मंडल ने महामहिम को बताया कि पूर्व में जारी नियुक्ति विज्ञापन के अनुसार अधिकतम आयु सीमा का कट ऑफ डेट 01 अगस्त 2018 होना चाहिए। साथ ही उन्होंने वर्तमान विज्ञापन के क्रम में नामांकन प्रक्रिया को भी स्पष्ट करने की मांग की। महामहिम संतोष गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि यह मामला राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि न्यायसंगत निर्णय लिया जा सके।

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राज्यपाल से मुलाकात के बाद छात्रों को मिली उम्मीद की किरण

मीडिया से बातचीत में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले 26 वर्षों में झारखंड में मात्र 13 सिविल सेवा परीक्षाएं, वह भी आठ अवसरों पर ही आयोजित हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि लगभग नौ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जारी हुए इस विज्ञापन में कट ऑफ आयु सीमा 01 अगस्त 2026 रखना पूरी तरह गलत है। इसे संशोधित कर पूर्व विज्ञापन के आधार पर 01 अगस्त 2018 निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी छात्र कई बार आयोग से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। प्रतिनिधिमंडल में सत्यनारायण शुक्ला, विकास कुमार, विनय कुमार, जगन्नाथ महतो और समीर कुमार भी शामिल थे।


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