- वन विभाग की निष्क्रियता से लोगों में आक्रोश, बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल
- बाजार और रिहायशी इलाकों में खौफ, लोग घरों में कैद
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा बाजार क्षेत्र इन दिनों एक जंगली बंदर के खौफनाक आतंक से जूझ रहा है। नवंबर 2025 से शुरू हुआ यह सिलसिला अब गंभीर संकट का रूप ले चुका है। बीते तीन महीनों में करीब 70 निर्दोष लोग बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। बंदर के अचानक और आक्रामक हमलों से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि व्यस्त व्यापारिक इलाके में भी लोग अकेले बाहर निकलने से डरने लगे हैं। बाजार की गलियों में सन्नाटा पसरा है और लोग मजबूरी में आत्मरक्षा के लिए लाठी-डंडे लेकर चल रहे हैं।
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गंभीर घायलों को बाहर ले जाने की मजबूरी, वन विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर बिना किसी उकसावे के छतों और बालकनियों से कूदकर सीधे चेहरे, गले और हाथों पर हमला कर रहा है, जिससे चोटें बेहद गंभीर हो रही हैं। स्थिति यह है कि बहरागोड़ा के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज संभव नहीं हो पा रहा। गंभीर रूप से घायल लोगों को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा है, जिससे परिजनों पर भारी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि महीनों से समस्या बनी रहने के बावजूद वन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। क्षेत्र में यह मांग जोर पकड़ रही है कि वन विभाग की टीम तत्काल बंदर को पकड़कर किसी घने जंगल में छोड़े, ताकि बहरागोड़ा की जनता राहत की सांस ले सके।