रामगढ़: सोमवार को उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक उपायुक्त कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई, जिसमें अनुमंडल स्तरीय वनाधिकार समिति से प्राप्त चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया.
चार विकास परियोजनाएं बनीं चर्चा का केंद्र
बैठक में जिन मामलों पर विस्तृत चर्चा हुई, उनमें निम्नलिखित विकास परियोजनाएं शामिल थीं:
झारखंड ऊर्जा संधारण निगम लिमिटेड की 400 केवी पतरातू से कोडरमा तक संचरण लाइन निर्माण योजना.
गोला से सिल्ली तक 132 केवी डबल सर्किट संचरण लाइन का निर्माण कार्य (कुम्हारदगा, चाड़ी, कुसुमडीह, कल्याणपुर, तिरला, हरिबांध एवं नावाडीह गांवों से होकर).
ग्राम इचाकडीह एवं लईयो में झारखंड उत्खनन परियोजना से संबंधित प्रस्ताव.
मरार एवं नई सराय क्षेत्र में बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड के प्लॉट तक जलापूर्ति पाइपलाइन निर्माण योजना.
सदस्यों ने रखे अपने सुझाव, लिए गए अहम निर्णय
इन सभी मामलों पर वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला परिषद सदस्य, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित समिति के अन्य सदस्यों के साथ सम्यक चर्चा की गई. समिति ने विभिन्न पर्यावरणीय, सामाजिक एवं वनाधिकार पहलुओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए.
विकास और अधिकार में संतुलन की पहल
बैठक के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि विकास परियोजनाएं ग्रामीणों के अधिकारों को प्रभावित न करें और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन हो. समिति ने इस दिशा में संतुलित रुख अपनाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.
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