- महायज्ञ, सत्संग और भक्ति आयोजनों में उमड़े 1500 से अधिक श्रद्धालु
- सत्संग विहार में गूंजे जयघोष, भक्तिमय हुआ वातावरण
गुवा : गुवा प्रखंड अंतर्गत बड़ाजामदा स्थित सत्संग विहार में श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का 138वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भव्य सत्संग एवं महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें गुवा, नोवामुंडी, बड़ाजामदा, बोलानी, टाटानगर, चाईबासा सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब 1500 से अधिक सत्संगी एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे सत्संग विहार परिसर में “जय गुरु श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र”, “श्री श्री बडमॉ”, “श्री श्री बडदा” और “श्री श्री आचार्य देव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर सत्संग में सहभागी बने।
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इस्ट वृत्ति और सत्संग पर दिया गया गूढ़ संदेश
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कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी एवं मुख्य वक्ता मानस मिश्रा ने कहा कि इस्ट वृत्ति एक महायज्ञ है, जिसे नियमित रूप से देने से जीवन में संतुलन, शांति और कल्याण आता है। उन्होंने कहा कि सत्संग केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक विशाल शोध है, जो मानव जीवन को सही दिशा देता है। उन्होंने सभी सत्संगियों से पड़ोसी के सुख-दुख में सहभागी बनने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। वहीं बड़ाजामदा के वक्ता ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर ने कहा कि प्रभु लीला का दर्शन अनंत जन्मों का फल होता है। उन्होंने ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के विचारों के अनुरूप पारिवारिक जीवन, वंश वृद्धि और मानव जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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भजन-कीर्तन और भंडारे के साथ हुआ भव्य समापन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोवामुंडी इंटर कॉलेज के प्राचार्य मोनोनीत विश्वास ने श्रद्धालुओं को ठाकुर जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने बेहतर सेवा, त्वरित सहयोग और जनकल्याण को जीवन का उद्देश्य बनाने पर जोर दिया। आयोजन के दौरान दीक्षा, भजन-कीर्तन, धर्मसभा, मातृ सम्मेलन एवं प्रसाद रूपी भंडारे का आयोजन किया गया। संगीत मंडली के नेतृत्व में श्रद्धालु नाचते-गाते भक्ति में लीन नजर आए। इस अवसर पर बोलानी, बड़बिल, चाईबासा, टाटानगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सत्संगियों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।