जादूगोड़ा: पोटका प्रखंड के जादूगोड़ा स्थित आसनवनी पंचायत का तिलामुड़ा गांव मानसून की पहली बारिश में ही टापू में तब्दील हो गया है। झारखंड अलग राज्य बनने के 25 वर्षों बाद भी इस गांव की पांच हजार की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। यहां की सड़कें कीचड़ और पानी से लथपथ हैं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों चंदन कुमार, लक्ष्मी नारायण पात्र और संजय कुमार गिरी के नेतृत्व में स्थानीय विधायक संजीव सरदार और सांसद विद्युत वरण महतो के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों ने “विकास नहीं तो वोट नहीं” का नारा देते हुए जनप्रतिनिधियों से नाराज़गी जताई।
तिलामुड़ा गांव से निकलने वाली तीनों संपर्क मार्गों की स्थिति बदहाल है। पक्की सड़क न होने के कारण बारिश में न तो एम्बुलेंस गांव में प्रवेश कर सकती है, न ही बच्चे समय पर स्कूल पहुंच पाते हैं। हर ओर फैला कीचड़ ग्रामीणों के जीवन को जोखिम में डाल रहा है।

जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी से ग्रामीणों का आक्रोश अब उबाल पर है। लोगों ने ऐलान किया है कि अगली बार चुनाव में वे नेताओं को सबक सिखाएंगे। साथ ही गांव में किसी भी जनप्रतिनिधि के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
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