Jamshedpur: बारीडीह में पुलिस-आपराधी मुठभेड़ का फरार अपराधी गिरफ्तार, हरेराम सिंह पर हुई फायरिंग का हुआ खुलासा

जमशेदपुर:  बारीडीह में बीते दिनों पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ के फरार एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है. बुधवार को पुलिस ने संवाददाता सम्मेलन कर सारे मामले की जानकारी साझा की है.

हाल ही में सिदगोड़ा पुलिस को बारीडीह के K2 क्वार्टर में कुछ अपराधियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. जिसके बाद पुलिस ने क्वार्टर की घेराबंदी कर अंदर घुसने की कोशिश की. तभी अपराधियों ने पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी थी. जिसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने भी गोलियां चलाई। पुलिस की गोली से एक अपराधी घायल हो गया था तथा दूसरा अपराधी मौके से भागने में सफल रहा था.

पुलिस ने घायल अपराधी रवि महानंद उर्फ गोपला को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से पुलिस ने पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल, गोली, खोखा,शराब की बोतल, डिस्पोजल ग्लास, मिक्सचर, एवं बिछा हुआ प्लास्टिक बरामद किया था.

इसके बाद 28 अक्तूबर की रात को ही पुलिस ने सीतारामडेरा स्लैग रोड में घेराबंदी कर उसी गिरोह के फरार अपराधी आकाश सिंह उर्फ लालू को गिरफ्तार किया. दोनों आरोपियों ने 10 अक्टूबर को हरेराम सिंह के घर पर हुई फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.

आकाश सिंह उर्फ लालू ने आरोप स्वीकार करते हुए अपने अपराध की पूरी कहानी पुलिस को बताई है. उसने पुलिस को बताया कि वह और दशरथ शुक्ला दोनों दोस्त व्यवसायी हरेराम सिंह के यहाँ काम करते थी, जिसके बदले में उन्हें 10 हजार रूपए प्रति माह तनख़्वाह मिलती थी.

 

छह माह पूर्व झारखंड के सरकारी शराब दुकान का ठेका होने वाला था. व्यवसायी हरेराम सिंह के बेटे हरीश सिंह ने आरोपी आकाश सिंह उर्फ लालू एवं दोस्त को इस बात का आश्वासन दिया था कि यदि शराब दुकान का ठेका जमशेदपुर में मिलता है तो उसका काम वह उसे और उसके दोस्त को ही देगा। लेकिन शराब दुकान का ठेका मिलने के बाद हरीश सिंह ने यह काम अपने पुराने सहयोगी मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले प्रेम नारायण शिवहरे को दे दिया.

जिसके बाद आकाश सिंह उर्फ लालू और उसके दोस्त दशरथ शुक्ला के मन में बदले की भावना ने जन्म लिया। इसके बाद दोनों कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा से जा मिले और व्यवसायी हरेराम सिंह, उसके बेटे हरीश एवं दामाद की सारी जानकारियां सुजीत सिन्हा को देने लगे.

सुजीत सिन्हा ने दुबई में रह रहे गैंगस्टर प्रिंस खान से संपर्क किया। जिसके बाद प्लानिंग के तहत हरेराम सिंह से कॉल और वाट्सएप के माध्यम से कई बार रंगदारी मांगी गई. रंगदारी नहीं देने पर स्थानीय शूटर ने हरेराम सिंह के घर पर 10 अक्तूबर की सुबह फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था

इस घटना को अंजाम देने के लिए दशरथ शुक्ला और आकाश सिंह ने रांची जाकर सुजीत सिन्हा गिरोह के रिया सिन्हा और बबलू खान से हथियार गोली प्राप्त किया था. 23 अक्टूबर को दशरथ शुक्ला को तीन पिस्तौल, गोली के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने दावा किया कि इस मुठभेड़ और कार्रवाई से अपराधियों का मनोबल गिरा है.

Spread the love

Related Posts

Jamshedpur : मुहर्रम को लेकर केंद्रीय शांति समिति की बैठक, संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी कड़ी, अफवाहों से दूर रहने का नसीहत

उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, विद्युत एवं साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश जमशेदपुर : मुहर्रम-2026 के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण एवं शांतिपूर्ण…

Spread the love

Jamshedpur : बहरागोड़ा पहुंचा डालसा का न्याय रथ, बनकटा पंचायत और कस्तूरबा विद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में पूर्वी सिंहभूम जिले…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time