- POCSO और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा
- कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य उद्देश्यों की जानकारी
जमशेदपुर : जमशेदपुर में 31 जनवरी 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) द्वारा लोक अदालत हॉल, सिविल कोर्ट में “जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) एवं किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया, जबकि डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने स्वागत भाषण में पॉक्सो अधिनियम की प्रमुख धाराओं, उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में जज कंकन पट्टादार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश–I की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारीगण, पुलिस अधिकारी, चिकित्सक, बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड जमशेदपुर के सदस्य, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल और पैरालीगल वॉलंटियर्स ने भाग लिया।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : उलीडीह में नशा तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ब्राउन शुगर के साथ आरोपी गिरफ्तार
कार्यक्रम में रिचेश कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी ने किशोर न्याय अधिनियम पर विस्तृत सत्र लिया, जिसमें कानून की प्रक्रिया, बच्चों के अधिकार और न्याय प्रणाली में हितधारकों की भूमिका पर चर्चा हुई। इसके अलावा दिव्या अश्विनी, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, जमशेदपुर ने चिकित्सकों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया। अधिवक्ता सह मध्यस्थ कमल कांत सिन्हा ने भी अपने विचार साझा किए, जबकि विशेष न्यायाधीश बिमलेश कुमार सहाय ने पॉक्सो अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। इस दौरान सभी हितधारकों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इसे भी पढ़ें : Gua : बड़ाजामदा में युवक की पत्थर से कूचकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अजय कुमार गुरिया, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार सिंह, सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने सुनिश्चित किया। इस परामर्श कार्यक्रम को पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु हितधारकों के बीच समन्वय, जागरूकता और सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। प्रतिभागियों ने बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और विभिन्न पक्षों के साथ व्यावहारिक समाधान खोजने पर जोर दिया।