- मनरेगा की खामियों को दूर कर मोदी सरकार लाई नई ग्रामीण विकास योजना
- मनरेगा में भ्रष्टाचार के बाद “जी राम जी” योजना की शुरुआत
जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने संसद से पारित “जी राम जी” ग्रामीण योजना को ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में लागू मनरेगा योजना में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त था, जिससे देश को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। फर्जी जॉब कार्ड, एक ही कार्य को बार-बार दिखाकर राशि की निकासी और मजदूरों को समय पर काम व मजदूरी न मिलना आम बात थी। इन्हीं खामियों को समाप्त करने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने 1,51,282 लाख रुपये के बड़े बजट के साथ “जी राम जी” ग्रामीण योजना लागू की है, जिससे विकसित गांव के माध्यम से विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
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125 दिन रोजगार, मजदूर और किसानों दोनों को लाभ
जेपी पांडेय ने बताया कि “जी राम जी” योजना के तहत मजदूरों को पहले की तुलना में अधिक अवसर मिलेंगे। जहां मनरेगा में केवल 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में काम उपलब्ध नहीं होगा वहां मजदूरों को रोजगार भत्ता भी दिया जाएगा। खेती के मौसम में 60 दिनों तक कृषि कार्यों में मजदूरों को जोड़कर किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना से फर्जी जॉब कार्ड पर रोक लगेगी और बजट की राशि का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।
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भाजपा पर जनता का भरोसा
जेपी पांडेय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेसी सरकारों के समय मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुकी थी, जिससे न तो मजदूरों को स्थायी लाभ मिला और न ही ग्रामीण विकास संभव हो सका। कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि अब जनता कांग्रेस की कार्यशैली को समझ चुकी है और उसके आंदोलन को कोई गंभीरता से नहीं लेता। आज देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के साथ खड़ी है। “जी राम जी” योजना के माध्यम से समृद्ध मजदूर से समृद्ध राष्ट्र की दिशा में कदम बढ़ाया गया है, ताकि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा किया जा सके।