जमशेदपुर: जमशेदपुर की बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में 22 मई को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष होने वाले विशाल धरने की तैयारियों को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के जिला एवं मंडल स्तरीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बारीडीह स्थित कार्यालय में संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने की.
बैठक में तय किया गया कि पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मंडलों के कार्यकर्ता भारी संख्या में उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे.
अपराधों से त्रस्त शहर, जनता असुरक्षित
बैठक में उपस्थित थाना अध्यक्षों ने बताया कि शहर में अपराधों का ग्राफ निरंतर बढ़ रहा है. दिनदहाड़े महिलाओं की चैन लूट, घरों में चोरी, ट्रैफिक के नाम पर अवैध वसूली, नशे का खुला व्यापार और अपराधियों की बेखौफ मौजूदगी आम बात हो गई है.
ब्राउन शुगर, स्मैक और अवैध शराब के ठिकानों की भरमार है. यहां तक कि लाइसेंसी दुकानों से भी अवैध शराब की बिक्री हो रही है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है.
साइबर क्राइम और मटके-लॉटरी के अवैध धंधे पर भी सवाल
शहर में साइबर अपराध तेजी से पनप रहा है. मटका और लॉटरी जैसे गैरकानूनी व्यापार भी फल-फूल रहे हैं. मजदूरों के साथ धोखा कर पैसे ऐंठने की घटनाएं आम हो चुकी हैं.
जनता खुद को कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है. ऐसी स्थिति में उपायुक्त कार्यालय का घेराव अब अपरिहार्य बन गया है.
सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन में शामिल होंगे कार्यकर्ता
सभी पदाधिकारियों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों से 22 मई को प्रातः 10 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन एवं धरना में भाग लेंगे.
बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता
इस बैठक में जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, जिलाउपाध्यक्ष एम. चंद्रशेखर राव, भास्कर मुखी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रकाश कोया, अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेश प्रसाद, परमजीत श्रीवास्तव, विनीत सिंह, विजय सिंह सहित विभिन्न थाना अध्यक्ष एवं मोर्चा पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
इनमें सिदगोड़ा थाना अध्यक्ष गौतम धर, सीतारामडेरा के अर्जुन यादव, बिरसानगर के शंकर कर्मकार, बर्मामाइंस के बबलू कुमार, दिलीप प्रजापति, कुंदन मुखी, दुर्गा रजक, शंभू झा, विनय सिन्हा, के. विनीत, जितेंद्र कुमार, दशरथी चौधरी, संजय कालिंदी, दीपक तिवारी, किशोर कुमार, अनिल पावा, गणेश चंद्रा, राजे कुजूर एवं दर्शन सिंह जैसे कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल रहे.
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