खड़गपुर: पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर ग्रामीण इलाके में रश्मि समूह की स्पंज आयरन फैक्ट्री के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा। सर्दियों की शुरुआत के साथ फैक्ट्री से निकलने वाली काली राख पूरे इलाके में फैल रही है, जिससे खेत, बाग और सब्ज़ियों की पैदावार प्रभावित हुई है। गरीब परिवार इस प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर दबाव महसूस कर रहे हैं।
आठ नंबर वार्ड के लालडांगा इलाके से सटे भूखंड पर कंपनी ने डस्ट और औद्योगिक अपशिष्ट डालना शुरू कर दिया है। इससे उड़ी धूल स्थानीय घरों में प्रवेश कर रही है और सांस व त्वचा संबंधी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऊँची जमीन भराई के कारण जल निकासी व्यवस्था भी बाधित हुई है, जबकि फैक्ट्री का गंदा पानी भी बस्तियों की ओर बह रहा है।
स्थानीय लोग लंबे समय से परिषद और प्रशासन को शिकायतें दे रहे थे, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन ही मिला। इस पर आज सुबह सैकड़ों नागरिक फैक्ट्री गेट के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे। जनता के दबाव में कंपनी ने तुरंत जेसीबी भेजकर नाला साफ करवाना शुरू किया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। जब तक स्थायी नाला निर्माण और प्रदूषण नियंत्रण के ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रहेगा।
वामपंथी संगठनों ने आंदोलन का नेतृत्व किया और पोस्टर अभियान, ज्ञापन और जनसंवाद शिविरों के माध्यम से लोगों को संगठित किया। यह संघर्ष अब लालडांगा की स्वच्छ हवा और जल अधिकार की लड़ाई बन गया है — एक ऐसी लड़ाई जो पर्यावरणीय न्याय के लिए जनता की जागरूकता और शक्ति की पुकार है।