जमशेदपुर: सुप्रीम कोर्ट की मेडिएशन एंड काउंसिलेशन प्रोजेक्ट कमिटी (एमसीपीसी) द्वारा जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के 11 मध्यस्थों (मेडिएटर्स) को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है. यह प्रमाण पत्र उन्हें प्रशिक्षण उपरांत उनके समर्पण और कार्यक्षमता के लिए दिया गया.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया सम्मानित
शनिवार को आयोजित एक समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा (वन) ने प्रमाण पत्र सौंपे और सभी मेडिएटर्स को न्यायिक प्रक्रिया को सरल व सुलभ बनाने में अपनी भूमिका को और अधिक सक्रिय रूप से निभाने के लिए प्रेरित किया.
किन-किन को मिला यह सम्मान?
प्रमाण पत्र प्राप्त करने वालों में शामिल हैं:
अजीत कुमार
अमिताभ कुमार
निर्मलेंदु बनर्जी
प्रीति मुर्मू
सोमा दास
कृष्णा जी प्रसाद
मौसमी चौधरी
सुनील कुमार सिंह
जावेद आलम खान
बेबी कुमारी
दिनेश प्रसाद शुक्ला
जो मेडिएटर उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें बाद में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे.
मध्यस्थता के महत्व पर ज़ोर
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली (ADR) के तहत मध्यस्थता एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है. इससे ना केवल समय की बचत होती है, बल्कि न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया भी सरल होती है.
उन्होंने सभी प्रशिक्षित मेडिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव और प्रशिक्षण का उपयोग समाज में न्याय की सहज उपलब्धता को सुनिश्चित करने में करें.
मौके पर रहे ये गणमान्य
इस अवसर पर डालसा के प्रधान सहायक संजय कुमार, रवि मुर्मू सहित अन्य पदाधिकारी और न्यायिक कर्मी उपस्थित रहे. समारोह में सौहार्दपूर्ण वातावरण में मध्यस्थता के महत्व को रेखांकित किया गया.
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