Parliament Monsoon Session 2025: “ये संसद है, सड़क नहीं”, लोकसभा में हंगामे पर भड़के ओम बिरला

नई दिल्ली:  लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान बिहार में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया. इससे नाराज़ होकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तीखी प्रतिक्रिया दी और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “आप सड़क जैसा व्यवहार संसद में कर रहे हैं, ये देश देख रहा है.”

बुधवार को सदन में बिहार की रेल परियोजनाओं पर चर्चा चल रही थी. इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने अचानक बिहार में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का मुद्दा उठाया और नारेबाजी शुरू कर दी. इससे प्रश्नकाल बाधित हो गया.

हंगामे से क्षुब्ध लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “संसद हमारे लोकतंत्र की सबसे गरिमामयी संस्था है. सांसदों का आचरण मर्यादित होना चाहिए. देश की जनता आपको यहां चर्चा के लिए भेजती है, न कि तख्तियां लहराने और शोर मचाने के लिए.”

उन्होंने आगे कहा, “जो व्यवहार आप सदन में कर रहे हैं, वह सड़क जैसा है. मैं सभी दलों को आगाह करता हूं कि देश उनके प्रतिनिधियों के आचरण को देख रहा है. अगर तख्तियों के साथ सदन में आना नहीं रुका, तो निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी.”

लगातार बढ़ते शोर-शराबे के बीच स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी. इससे पहले भी दो दिन सदन की कार्यवाही बाधित हो चुकी है.

मानसून सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई. पहले दिन विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विरोध जताया. दूसरे दिन बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष ने आक्रोश दिखाया. तीसरे दिन भी इसी मुद्दे को लेकर सदन का माहौल गरम रहा.

बिहार SIR को लेकर विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण ढंग से चलाई जा रही है, जिससे लोकतंत्र को ठेस पहुंच सकती है. विपक्ष की यह नाराजगी अब संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह खुलकर सामने आ रही है.

 

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