- जेएलकेएम नेता भागीरथ हांसदा ने डीसी को पत्र लिखकर विभागीय लापरवाही का लगाया आरोप
पोटका : पोटका प्रखंड में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता भागीरथ हांसदा ने उपायुक्त को पत्र लिखकर प्रखंड पेयजल विभाग पर गंभीर उदासीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में बताया कि पोटका प्रखंड की सभी 34 पंचायतों के अंतर्गत 194 राजस्व ग्रामों समेत अनेकों टोले-मोहल्लों में दर्जनों चापाकल वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। मरम्मत सामग्री की कमी और मिस्त्रियों की अनुपलब्धता के कारण इन चापाकलों की मरम्मत नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज भटकना पड़ रहा है और हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं।
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सीएसआर योजना बहाल करने और आंदोलन की चेतावनी
भागीरथ हांसदा ने यह भी उल्लेख किया कि भारत सरकार के उपक्रम यूसीआईएल (युसिल) जादूगोड़ा एवं नरवापहाड़ माइंस द्वारा पहले निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत आसपास के पंचायतों में पेयजल समस्याओं का समाधान किया जाता था, लेकिन यह व्यवस्था पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह बंद है। उन्होंने इसे पुनः चालू करने की मांग की है। जेएलकेएम नेता ने उपायुक्त से अविलंब हस्तक्षेप कर खराब चापाकलों की मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।