जादूगोड़ा: पोटका प्रखंड के आसनवनी पंचायत अंतर्गत कानीकोला गांव के किसान आज भी लघु सिंचाई योजना के अभाव में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए तरस रहे हैं। सरकार की योजनाएं कागज़ों तक सीमित हैं, जबकि किसान अपने मेहनत के दम पर फसल उगा रहे हैं।
कानीकोला के किसान कालीचरण हो ने तीन एकड़ भूमि पर लौकी, नेनुआ और खीरा की खेती कर मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि इस सीजन में करीब पांच क्विंटल लौकी, एक क्विंटल नेनुआ और दो क्विंटल खीरा का उत्पादन हुआ है, लेकिन पानी की कमी से आगे खेती करना मुश्किल हो रहा है।
किसानों ने पोटका विधायक संजीव सरदार से खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग की है। उनका कहना है कि आंध्र प्रदेश की तर्ज पर खेतों में डीप बोरिंग की सुविधा दी जाए ताकि पोटका के किसान आत्मनिर्भर बन सकें।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता चक्रधर महतो ने कहा कि किसानों की यह समस्या जल्द विधायक के समक्ष रखी जाएगी। उन्होंने अफसोस जताया कि “सरकार किसानों के लिए योजनाएं तो बना रही है, लेकिन जिला स्तर के अधिकारियों की सुस्ती के कारण लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाता।”
कानीकोला के किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी आवाज अब विधायक और प्रशासन तक पहुंचे। अब देखना यह है कि कब सिंचाई योजना बनेगी और कब इन मेहनती किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा।
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