सरायकेला: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सरायकेला-खरसावां द्वारा गठित साथी समिति ने सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए निमडीह प्रखंड के बाड़ेदा और सबर टोला बुरुडीह गांव का दौरा किया। यह पहल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की योजनाओं के अंतर्गत की जा रही है, जिसका उद्देश्य है—बेसहारा और आधार कार्ड विहीन बच्चों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना। दौरे के दौरान समिति ने गांवों में रह रहे निराश्रित और असुरक्षित स्थिति में जीवन यापन कर रहे बच्चों की पहचान हेतु सर्वेक्षण किया। यह कार्य 26 मई से 26 जून तक चलेगा, जिसमें उन बच्चों की सूची तैयार की जाएगी जिनके पास आधार कार्ड नहीं है और जो अब तक सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।
शिविरों के माध्यम से मिलेगा पहचान का अधिकार
DLSA द्वारा यह भी तय किया गया है कि 27 जून से 5 अगस्त तक विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर लगाकर इन बच्चों का आधार पंजीकरण किया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें और उनकी पहचान को वैधानिक रूप से दर्ज किया जा सके।
साथी समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण
इस पहल को प्रभावी बनाने हेतु DLSA सरायकेला ने 23 मई को साथी समिति के सदस्यों के लिए एक ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्हें सर्वेक्षण की प्रक्रिया, संवेदनशील व्यवहार, और सरकारी प्रावधानों की जानकारी दी गई। समिति में डीसीपीओ, परियोजना समन्वयक सहित कई अन्य सदस्य शामिल हैं, जो इस कार्य को मिलकर संचालित कर रहे हैं। इस संपूर्ण अभियान का उद्देश्य है—हर उस बच्चे तक पहुँच बनाना जो आज भी समाज और व्यवस्था से उपेक्षित है। सर्वेक्षण और आधार पंजीकरण के बाद ऐसे बच्चों के लिए आवश्यक सहायता और पुनर्वास की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
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