जमशेदपुर: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता और झारखंड राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने कहा है कि राज्य सरकार जनता का दोहन कर रही है और यही स्थिति रही तो झारखंड के मुख्यमंत्री की दशा नेपाल के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसी हो सकती है।
पांडेय ने बताया कि आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका का वर्षों से शोषण हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया गया है। इसके विरोध में 10 सितंबर से मुख्यमंत्री आवास के सामने “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड में लगभग 75 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका और सहायिका इस आंदोलन में शामिल होंगी। इससे रांची में नारी शक्ति का उभार साफ नजर आएगा।
पांडेय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वे मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर सेविका और सहायिका को राज्यकर्मी का दर्जा दें। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो झारखंड में भी वही हालात बन सकते हैं जैसे बांग्लादेश और नेपाल में हुए थे, जहां नेताओं को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सेविकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देती है तो इससे आंगनवाड़ी व्यवस्था मजबूत होगी और झारखंड को कुपोषण से मुक्त बनाने का रास्ता साफ होगा।
इसे भी पढ़ें : Tata Motors लीव बैंक कमेटी की बैठक में 1100 छुट्टियां स्वीकृत




















































