सरायकेला: जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त रविशंकर शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई। बैठक में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार सहित सभी विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में उपायुक्त ने पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध की गई कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं को निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, पेयजल, विद्युत, कृषि, आवास, मनरेगा समेत विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा कर बेहतर क्रियान्वयन, लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर 100 प्रतिशत योग्य लाभुकों को लाभ पहुंचाने पर ज़ोर दिया गया।
मुख्य विभागों को दिए गए निर्देश इस प्रकार हैं:
आपूर्ति विभाग: 30 मई तक राशन वितरण 100 प्रतिशत पूरा करने, लापरवाही करने वाले कर्मियों की पहचान कर नियम अनुसार कार्रवाई करने एवं ई-केवसी के तहत आयोग्य लाभुकों को हटाने का निर्देश।
उद्योग विभाग: पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम एफएमई समेत अन्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर योग्य लाभुकों को लाभ देने का निर्देश।
श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास विभाग: मुख्यमंत्री सारथी योजना में प्लेसमेंट बढ़ाने, स्थानीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण एवं रोजगार मेले का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश।
कृषि विभाग: योजनाओं का प्रचार-प्रसार, नई तकनीक एवं उच्च नस्ल के बीज की जानकारी के लिए कार्यशालाओं का आयोजन और खाद, बीज व सहायक उपकरण वितरण।
शिक्षा विभाग: शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति और शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान, विद्यालयों का औचक निरीक्षण, अभावित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई, विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय व विद्युत सुविधा सुनिश्चित करना, तथा भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा।
स्वास्थ्य विभाग: स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण शिविरों का आयोजन, मरम्मत एवं भवन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान।
नगर निकाय: पेयजल और विद्युत आपूर्ति की समस्याओं का निराकरण, वाटर टैंक से पानी की सप्लाई सुनिश्चित करना।
कल्याण विभाग: साइकिल वितरण और छात्रवृत्ति के लंबित कार्यों में तेजी, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना का लाभ प्रदान करना, सांस्कृतिक केंद्रों के निर्माण कार्यों में गति लाना।
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल: हर घर नल जल योजना को तेज करना, ग्रामों को थ्री और फाइव स्टार विकसित करना, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट जल्द प्रारंभ करना।
राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग: नियमित वोटिंग, म्यूटेशन और सीमांकन कार्य शीघ्र निपटाने, जाति और आय प्रमाण पत्र के मामलों का समय पर निपटान।
समाज कल्याण विभाग: आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच, पेयजल व शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करना, मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास।
सामाजिक सुरक्षा विभाग: पेंशन योजनाओं की शिकायतों का त्वरित समाधान, नए आवेदन पर योग्य लाभुकों को लाभ देने, छूटे हुए लाभार्थियों के लिए शिविर लगाना।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी प्रखंडों के वरिष्ठ पदाधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा, स्थल निरीक्षण और लाभुकों की समस्याओं के निराकरण के साथ योजनाओं को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर नियम अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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