झाड़ग्राम: रघुनाथपुर निवासी 30 वर्षीय मंगल महतो अपनी पत्नी सोनाली महतो की मौत के बाद न सिर्फ गहरे दुख में थे, बल्कि बीमा क्लेम पाने के लिए महीनों से दर-दर भटक रहे थे। लेकिन झाड़ग्राम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की त्वरित पहल ने उनकी आठ महीने पुरानी समस्या सिर्फ एक महीने में हल कर दी।
जनवरी में पत्नी की मौत के बाद मंगल ने एलआईसी की झाड़ग्राम शाखा में सभी दस्तावेज जमा किए। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद क्लेम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। उल्टा उन्हें प्रभागीय कार्यालय भेज दिया गया। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
सोशल मीडिया पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क सेवाओं के बारे में जानकारी मिलने पर मंगल ने “अधिकार मित्र” रीता दास दत्ता से संपर्क किया। रीता ने यह मामला प्राधिकरण की सचिव और न्यायाधीश रिहा त्रिवेदी तक पहुँचाया।
मंगल के आवेदन पर प्राधिकरण ने प्री-लिटिगेशन केस दर्ज किया और बीमा कंपनी को नोटिस जारी किया। सुनवाई से एक दिन पहले ही मंगल ने पाया कि उनकी पत्नी का 1,63,567 रुपये का क्लेम उनके बैंक खाते में आ चुका है। मंगलवार को न्यायाधीश रिहा त्रिवेदी ने मामले का अंतिम निपटारा किया।
मंगल महतो ने खुशी जताते हुए कहा, “मेरी चार साल की बेटी है। आठ महीने से समस्या झेल रहा था, लेकिन प्राधिकरण से संपर्क करने के बाद सिर्फ एक महीने में पैसा मिल गया। अब मैं इस राशि से अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए बचत करूंगा।”
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