Chaibasa: डीसी पर भड़के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, कहा – “हम जंगल से नहीं आए, लहजा बदलिए”

चाईबासा:  चाईबासा में पुलिस लाठीचार्ज प्रकरण को लेकर बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने उपायुक्त (डीसी) चंदन कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपना था, लेकिन वार्ता के दौरान माहौल गर्म हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान डीसी के लहजे पर नाराज होकर मधु कोड़ा अचानक गुस्से में खड़े हो गए और कहा – “आपका लहजा बिल्कुल ठीक नहीं है। हम लोग जंगल से नहीं आए हैं। नेता के बिना देश नहीं चलेगा, यह बात अच्छी तरह समझ लीजिए। 24 घंटे के भीतर हमारी मांगे पूरी नहीं होतीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”

जानकारी के अनुसार, बातचीत के दौरान डीसी चंदन कुमार ने कैमरा देखते ही कुछ नेताओं पर “दिखावा करने” की टिप्पणी कर दी। इस पर मधु कोड़ा भड़क उठे और कहा, “महात्मा गांधी जैसे नेताओं के कारण देश आज़ाद हुआ और आज आपकी कुर्सी भी उसी की देन है।” इस remark पर डीसी ने कहा, “कहां गांधी जी से तुलना।” इसके बाद विवाद और बढ़ गया। मधु कोड़ा ने दो टूक कहा – “लहजा बदलें और मांग पूरी करें, नहीं तो कोल्हान बंद होगा।”

इस दौरान हो समाज महासभा केंद्रीय कमेटी के लेटरहेड पर कोल्हान-पोड़ाहाट मानकी मुंडा संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन डीसी को सौंपा गया। मांगपत्र में चाईबासा लाठीचार्ज प्रकरण में गिरफ्तार किए गए 16 ग्रामीणों को 24 घंटे के भीतर बिना शर्त रिहा करने और निर्दोष नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने की मांग की गई है।

संगठनों ने यह भी कहा कि चाईबासा में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर तत्काल “नो एंट्री” नियम को सख्ती से लागू किया जाए।

ज्ञापन पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, मानकी मुंडा संघ के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, हो समाज महासभा के उपाध्यक्ष बमिया बारी, रामाय पुरती, नागेश्वरी जारिका, इंदू तियू, शुरू हेम्बरोम, सरस्वती बानरा, मंजू बानरा, अनिता देवगम, रोशन रवि पाड़ेया, सचिन बोदरा, रंजन मुदुईया, हरिश चंद्र कुंकल, सुनील समद, शंकर बिरूली, गब्बर सिंह हेंब्रम, इपिल समद, रमेश जेराई, सन्नी पाट पिंगुवा और राहुल बोदरा सहित कई सामाजिक प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।

विभिन्न संगठनों की ओर से कहा गया कि कोल्हान का शांतिपूर्ण माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए तत्काल नो एंट्री लागू की जाए, निर्दोष ग्रामीणों को रिहा किया जाए और वारंटियों को गिरफ्तार न किया जाए। इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष देवेंद्र नाथ चांपिया समेत बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के पुरुष और महिलाएं मौजूद रहीं।

 

 

इसे भी पढ़ें :

Jamshedpur: एमजीएम ब्लड बैंक का केंद्रीय टीम ने किया औचक निरीक्षण, कई खामियां उजागर

Spread the love

Related Posts

Jamshedpur : जुगसलाई शनिदेव मंदिर में शनि शांति यज्ञ का आयोजन, हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद

जमशेदपुर : जुगसलाई के दुखु मार्केट स्थित रेलवे लाइन किनारे सत्यनारायण मंदिर रोड पर शनिवार को शनिदेव मंदिर में झारखंड शनि शांति यज्ञ (हवन) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम…

Spread the love

Bahragora : बकरीद को लेकर बहरागोड़ा थाना परिसर में हुई शांति समिति की बैठक

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा थाना परिसर में शनिवार को भूमि सुधार उपसमाहर्ता नीत नितिन सुरीन की अध्यक्षता में बकरीद पर्व को लेकर शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई,…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time