- कट्टरपंथ और अल्पसंख्यक हत्याओं से क्षेत्रीय स्थिरता पर संकट
- भारत ने पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यक सुरक्षा पर फोकस बढ़ाया
जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता और झारखंड समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में घट रही घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में वर्तमान समय में गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आम जनता भूख और असुरक्षा का सामना कर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के जेल में होने और नेतृत्व में कमजोर फैसलों के कारण पाकिस्तान में हालात बिगड़ रहे हैं, वहीं बांग्लादेश में भी अल्पसंख्यकों पर हमले और कट्टरपंथियों की गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। पांडेय ने बताया कि भारत पड़ोसी देशों में घट रही अराजकता पर सतर्क नजर बनाए हुए है।
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पाकिस्तान और बांग्लादेश के हालात पर भारत की नजर
जय प्रकाश पांडेय ने आगे कहा कि दोनों देशों की राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता भारत के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। बांग्लादेशी कट्टरपंथियों द्वारा भारत पर हमले और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ रही है। मीडिया पर दबाव और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले भी चिंता का विषय हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत ने सुरक्षा कारणों से अपने वीज़ा केंद्रों को बंद कर दिया है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट के संकेत स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत को सतर्क रहने और इन देशों में घट रही घटनाओं पर नजर रखने की आवश्यकता है।
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भारत-बांग्लादेश संबंधों में कट्टरपंथी तत्वों का असर
जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भारत को ध्यान केंद्रित करना पड़ा है। भारत के भीतर हिंदू संगठनों द्वारा भी सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि पड़ोसी देशों में घट रही हिंसा और हत्याओं पर कार्रवाई हो सके। उन्होंने चेताया कि यदि क्षेत्रीय अस्थिरता और कट्टरपंथी गतिविधियों को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो इससे न केवल भारत की सुरक्षा बल्कि क्षेत्रीय शांति पर भी गंभीर असर पड़ेगा। भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां वर्तमान में सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं।
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