- अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन और एकतरफा सैन्य कार्रवाई पर अमेरिका की तीखी आलोचना
- युद्ध नहीं, बुद्ध का युग है – भारत की नीति पर गर्व
जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह हिंदुधर्म रक्षा मंच के प्रदेश मंत्री जय प्रकाश पांडेय ने वैश्विक स्तर पर अमेरिका की कथित दादागिरी और एकतरफा नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह युग युद्ध का नहीं, बल्कि बुद्ध और शांति का युग है। भारत की विदेश नीति संवाद, सहयोग और बहुपक्षवाद पर आधारित है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है। जेपी पांडेय ने कहा कि इसके विपरीत अमेरिका बहुपक्षीय समझौतों से दूरी बनाकर मनमानी सैन्य कार्रवाई और युद्ध की धमकी देकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए ऐसी नीतियां घातक सिद्ध हो सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : टेल्को अजय श्रीवास्तव हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
जेपी पांडेय ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा अटलांटिक महासागर में रूसी झंडा लगे तेल टैंकर को हफ्तों तक पीछा कर बंदी बनाना समुद्री डकैती जैसा कृत्य है। इसे वेनेजुएला से तेल निर्यात रोकने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मरीनारा, युगांडा और चीन के झंडे वाले कई तेल टैंकरों को भी रोका, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सीधा उल्लंघन है। वेनेजुएला, चीन और रूस की आपत्तियों को नजरअंदाज करना यह दर्शाता है कि अमेरिका निजी जहाजों की चोरी, अपहरण और डकैती जैसे कृत्यों को भी अपनी नीति का हिस्सा बना रहा है। उन्होंने कहा कि किसी देश के राष्ट्रपति को आधी रात गिरफ्तार कर अमेरिकी जेल में डालना और सैकड़ों सैनिकों की जान लेना जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है।
इसे भी पढ़ें : Kharagpur : खड़गपुर मंडल में PNM बैठक संपन्न, रेलवे प्रशासन व SERMU के बीच कर्मचारियों के मुद्दों पर मंथन
जेपी पांडेय ने कहा कि अमेरिका अपनी सुविधा के अनुसार कानून और सिद्धांत बनाता है और उन्हीं का पालन करता है, चाहे मामला वेनेजुएला, ग्रीनलैंड, कनाडा, पनामा, कोलंबिया, मैक्सिको, यूरोप या एशिया के देशों का हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इटली, फिलीपींस, ईरान, क्यूबा, अफगानिस्तान और इराक जैसे देशों में लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हस्तक्षेप करता रहा है। अब अमेरिका डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत स्वशासित क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जे की रणनीति पर काम कर रहा है, जिसके पीछे चीन और रूस के प्रभाव को रोकने का तर्क दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने अमेरिका की इस तरह की एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध बताया है, जिससे पूरी दुनिया में युद्ध का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है।
इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा व केसरदा प्लस टू विद्यालयों में पीटीएम संपन्न, समीर मोहंती हुए शामिल
जेपी पांडेय ने कहा कि अमेरिका ने कथित तौर पर संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बिना ईरान, इराक, सोमालिया, वेनेजुएला और यमन में बमबारी कर एकतरफा कानून लागू करने की नीति अपनाई है। उन्होंने चिंता जताई कि अमेरिका इस वर्ष लगभग 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संधियों से अलग हो चुका है, जो वैश्विक सहयोग, विश्व शांति और सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। अमेरिका बहुपक्षवाद के बजाय द्विपक्षीयवाद को बढ़ावा देते हुए दुनिया की सबसे घातक सैन्य शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने सैन्य खर्च में 50 प्रतिशत वृद्धि का आह्वान करते हुए 2027 तक रक्षा बजट 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव रखा है। गनबोट डिप्लोमेसी के जरिए व्यवस्था बदलने की धमकी से दुनिया के देश भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की बढ़ती भूख दुनिया को किस युग में ले जाएगी, यह सोचकर पूरी दुनिया चिंतित है।