Jamshedpur : मोदी सरकार भारतीय संस्कृति के संरक्षक के रूप में अग्रसर – जे पी पांडेय

  • युगीन भारत संग्रहालय और सांस्कृतिक पहल से बढ़ेगा राष्ट्र की ऐतिहासिक पहचान

जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड के प्रदेश पदाधिकारी और हिन्दू धर्म रक्षा मंच के प्रदेश मंत्री जे पी पांडेय ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि भारत आर्थिक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और उसी के साथ भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पांडेय ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय, ‘युगीन भारत’ की पहली गैलरी 2026 के अंत तक जनता के लिए खोली जाएगी। इस संग्रहालय में सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आधुनिक भारत तक की लगभग 1 लाख कलाकृतियों को दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में लगभग 30 दीर्घाओं में प्रदर्शित किया जाएगा।

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युगीन भारत संग्रहालय के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा संरक्षण

जे पी पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशन में संग्रहालय का स्वरूप बदलकर इसे आधुनिक और ऐतिहासिक दृष्टि से सुसज्जित किया जा रहा है। संग्रहालय में मोदी समेत पूर्व प्रधानमंत्रियों की गैलरी होगी, जिससे आने वाली पीढ़ियों को उनके कार्यकाल और उपलब्धियों का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। यह संग्रहालय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की भारत के हृदय पर एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में काम करेगा। इसके अलावा, पांडेय ने जालंधर में हरिवलभ संगीत समारोह के 150वें वर्ष और पिपरहवा बुद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी जैसी पहलों को भी भारतीय सांस्कृतिक संरक्षण का उदाहरण बताया।

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प्रधानमंत्री के निर्देशन में संग्रहालय भारतीय इतिहास का जीवंत दस्तावेज बनेगा

जे पी पांडेय ने बताया कि मोदी सरकार ने पिपरहवा बुद्ध अवशेषों को मातृभूमि वापस लाने का निर्णय लिया। ये अवशेष 127 वर्षों के बाद भारत लौटे और देशवासियों के लिए गर्व का विषय बने। अवशेषों और मूर्तियों को गोदरेज इंडस्ट्रीज के सहयोग से सुरक्षित रूप से भारत लाया गया। संग्रहालय में बुद्ध की जीवन्त मूर्तियां भी रखी जाएंगी, जिन्हें कोलकाता और दिल्ली के संग्रहालयों से लाया गया है। ये कलाकृतियां भारतीय सभ्यता, कला और धर्म की गाथा को दर्शाती हैं।

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बुद्ध अवशेषों की वापसी से भारतीय संस्कृति और इतिहास को मिलेगा नया आयाम

पांडेय ने कहा कि अयोध्या के राममंदिर के पास भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय बनाया जा रहा है। यह संग्रहालय भारतीय संस्कृति और वास्तुकला की उज्ज्वल परंपरा को सामने लाएगा। युगीन भारत संग्रहालय और मंदिर संग्रहालय के माध्यम से आने वाली पीढ़ियां भारतीय संस्कृति, कला और इतिहास को प्रत्यक्ष रूप में समझ पाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगी और आने वाले समय में युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगी।

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