- भव्य कलश यात्रा और शिव शांति अनुष्ठान
- पुनरुद्धार के बाद मंदिर बना आस्था का केंद्र
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के खांडामौदा पंचायत के पांचरुलिया गांव में शनिवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। ग्रामीणों ने 100 वर्ष पुराने बाबा भीमेश्वर शिव मंदिर का भव्य पुनरोद्धार कर एक दिवसीय शिव शांति अनुष्ठान का आयोजन किया। इस धार्मिक महाकुंभ में भक्ति, शक्ति और सामूहिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। अनुष्ठान का मुख्य आकर्षण भव्य कलश यात्रा रही, जिसमें मालुआ गांव स्थित रगड़ो नदी के तट पर विधि-विधान से पूजा के बाद 108 श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरा। शंख की गूंज, बैंड-बाजों की थाप और ‘जय शिव शंभू’ के उद्घोष के साथ 4 किलोमीटर लंबी पदयात्रा जब पांचरुलिया पहुंची, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यज्ञ मंडप में कलश स्थापना के साथ ही वैदिक ऋचाओं के बीच 33 कोटि देवताओं का आवाहन और विशेष हवन पूजन किया गया। इसमें सूर्य पूजा, गो पूजा और अग्नि स्थापन जैसे महत्वपूर्ण संस्कार संपन्न हुए।
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भव्य कलश यात्रा से गूंजा पांचरुलिया गांव
अनुष्ठान के अंत में मंदिर के गर्भगृह में विधिवत प्राण प्रतिष्ठा और पुष्पांजलि के साथ कार्यक्रम को पूर्णता दी गई। इस आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के सक्रिय सदस्य पंचानन मुंडा, नाँव कुँवर, मिथुन कर, बीजन धड़ा, सुधांशु मुंडा, सेनापति जेना, भवानी धड़ा, सुजीत गीरि, प्रदीप धड़ा, राकेश धड़ा और मुन्ना होता सहित समस्त ग्रामीणों ने दिन-रात मेहनत की। ग्रामीणों का कहना है कि पुनरोद्धार के बाद यह मंदिर अब क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था का प्रतीक रहेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल धार्मिक महत्व को पुनर्जीवित किया बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत किया।