बहरागोड़ा : झारखंड में ओड़िया भाषायी अल्पसंख्यक छात्रों की शिक्षा व्यवस्था इस समय गंभीर संकट से गुजर रही है, जिसे लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गए एक तीखे शिकायती पत्र में डॉ. षाड़ंगी ने आरोप लगाया कि कोल्हान विश्वविद्यालय क्षेत्र में लागू की जा रही “क्लस्टर कॉलेज” प्रणाली वास्तव में ओड़िया भाषा की शिक्षा को खत्म करने और अल्पसंख्यक छात्रों को हाशिए पर धकेलने की एक बड़ी साजिश है। वहीं उन्होंने बहरागोड़ा कॉलेज की बदहाली का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, भूगोल, मुंडारी और खुद ओड़िया जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक ही नहीं हैं, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। डॉ. षाड़ंगी ने केवल समस्याओं को ही नहीं उठाया, बल्कि सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें भी रखी हैं—पहली, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के ओड़िया विभाग में तुरंत स्थायी सहायक प्राध्यापक नियुक्त किए जाएं, और दूसरी, बहरागोड़ा कॉलेज में खाली पदों पर तत्काल अतिथि व्याख्याताओं (गेस्ट फैकल्टी) की बहाली हो। पूर्व मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों की मिलीभगत और प्रशासनिक उदासीनता के कारण राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अराजकता फैल रही है, जिसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री को बिना किसी देरी के खुद मोर्चा संभालना होगा।
इसे भी पढ़ें : Bahragora : बहरागोड़ा में बालू माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का एक्शन, NH-18 पर गुप्त सूचना के बाद 3 हाइवा और ट्रैक्टर कब्जे में लिया

















































