देवघर: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एम्स देवघर के निदेशक पर भाजपा के राजनीतिक दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप उन्होंने राष्ट्रपति के प्रस्तावित देवघर दौरे और एम्स के दीक्षांत समारोह को लेकर राज्य सरकार को विश्वास में न लेने को लेकर लगाया है। राष्ट्रपति 10 जून को देवघर पहुंचेंगी और 11 जून को एम्स देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति का हार्दिक स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन से पहले एम्स की ओर से राज्य सरकार को भरोसे में नहीं लिया जाना अनुचित है।
राज्य सरकार को विश्वास में लेकर कार्य करने की जरूरत
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि एम्स निदेशक को अपने जिम्मेदार पद को समझते हुए राज्य सरकार और खुद मंत्री को विश्वास में लेकर काम करना चाहिए था। यदि पूर्व में संवाद होता, तो कार्यक्रम और बेहतर ढंग से संचालित हो सकता था।
मंत्री ने कहा कि यदि एम्स निदेशक पर भाजपा के इशारे पर काम करने का कोई दबाव है, तो इसे राज्य सरकार के सामने स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का संचालन राजनीतिक दलों की मर्जी से नहीं, बल्कि संविधान और जनहित के आधार पर होना चाहिए।
डॉ. अंसारी ने उम्मीद जताई कि आगे आने वाले समय में समन्वय, पारदर्शिता और सम्मान के साथ कार्य किया जाएगा ताकि प्रदेश की जनता को बेहतर सेवा मिल सके। यह विवाद स्वास्थ्य प्रशासन में पारदर्शिता और राजनीतिक प्रभाव के मुद्दे को फिर से उजागर करता है।
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